एक भाई को अपनी बहनों से सांपों को राखी बंधवाना पड़ा भारी, जिस सांप को राखी बंधवा रहा था उसी सांप ने डस लिया, रक्षाबंधन पर बहनों ने खोया अपना भाई..
बहनों केेे साथ राखी बांधते हुए युवक
पटना। एक तरफ जहां पूरा देश रक्षाबंधन का त्योहार मना रहा था, वहीं दूसरी तरफ बिहार के सारण जिले में एक भाई को अपनी बहनों से सांपों को राखी बंधवाना भारी पड़ गया। मनमोहन नाम का युवक जिस सांप को राखी बंधवा रहा था उसी के द्वारा डसे जाने से उसकी मौत हो गई. इस हैरान कर देने वाली घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.
अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र.. गुरुदेव सियाग सिद्ध योग जिससे होता है ऑटोमेटिक योग.. प्रत्यक्ष को प्रमाण क्या खुद अनुभव करें..बताया जा रहा है कि सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र के रहने वाले मनमोहन और सांपो की यारी 10 साल पुरानी है, वह अपने गांव में सांपों को रेस्क्यू करने और उसका शिकार हुए लोगों का इलाज करने के लिए मशहूर था। बीते एक दशक में मनमोहन उर्फ भूअर कई जहरीले सांपों को पकड़कर उन्हें लोगों से दूर छोड़ा. रक्षाबंधन के मौके पर उसे अपनी बहन से सांपों को राखी बंधवाने की सूझी. मनमोहन की ये हरकत उसी को भारी पड़ गई और आखिरकार रक्षाबंधन वाले दिन ही उसे अपनी जान से हाथ गंवाना पड़ा.
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मनमोहन दो जहरीले सांपों को पूछ की तरफ से पकड़ कर उन्हें राखी बंधवा रहा है. हालांकि उसकी बहन ने सांपों से दूरी बनाने में ही भलाई समझी और मनमोहन ने ही सांपों को टीका किया उनकी आरती उतारी। इस बीच मनमोहन का ध्यान भटकने पर एक सांप उसके पैर के करीब आ गया. सांप मनमोहन की उंगलियों के बीच काट लेता है। सांप के काटे जाने के बाद भी मनमोहन को अपनी जान का जरा भी डर नहीं लगा और वह कार्यक्रम जारी रखता है।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार तबीयत बिगड़ने के बाद मनमोहन को अस्पताल ले जाने की बजाए उसके घर वाले झाड़-फूंक से उसका इलाज करने लगे। इस दौरान उसकी हालत और भी बिगड़ गई। हालत में सुधार ना होता देख उसके परिजन आनन-फानन में मनमोहन को एकमा स्वास्थ्य केंद्र ले जाते हैं लेकिन वहां एंटी-वेनम इंजेक्शन ना होने की वजह से उसे छपरा सदर अस्पताल ले जाया गया.
समय पर इलाज ना मिलने की वजह से डॉक्टर मनमोहन को मृत घोषित कर देते हैं. बताया जा रहा है कि आस-पास के इलाके में मनमोहन को सांपों का सच्चा दोस्त कहा जाता था. किसी के घर सांप निकलने पर लोग सबसे पहले उसे ही बुलाने के लिए दौड़ते थे. इतना ही नहीं गांव में किसी को सांप काटता था तो भी उसके इलाज के लिए मनमोहन को ही बुलाया जाता था.
ग्रामीणों का दावा है कि उसके द्वारा बोले गए मंत्रों से सांप का जहर बेअसर हो जाता था. इस बीच सांप के काटे जाने से ही मनमोहन की मौत की खबर ने सभी को हैरत में डाल दिया है. मनमोहन सांप पकड़ने के बाद उसे जंगल में छोड़ देता था लेकिन रक्षाबंधन वाले दिन उसने दो जहरीले सांपों को राखी बांधने के लिए पकड़ा था.











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