नागौर में भी बैलगाड़ी का जमाना दोहराया, आंदोलनकारी बोले- पेट्रोलियम पदार्थ के दाम ऐसे ही बढे तो यही चलाने होंगे..
नागौर। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर आज भारतीय किसान यूनियन ने जिला मुख्यालय नागौर में आज बैल गाड़ी पर गैस की टँकी व मोटरसाइकिल रखकर प्रदर्शन करते हुए रैली निकालकर महंगाई के विरुद्ध व न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने व तीनो काले कानून वापिस लेने का ज्ञापन राष्ट्रपति महोदय के नाम का ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर नागौर मनोज कुमार को दिया।
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मेहराम नगवाडिया ने सभी किसानों का आभार प्रकट किया तथा सरकार को चेतावनी दी कि काले कानून जल्द से जल्द वापस ले नहीं तो सरकार को इंजाम भुगतना पड़ेगा। किसान नेता अर्जुनराम लोमरोड ने बताया कि आज पूरे देश में पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की कीमतें अनियंत्रित तरीके से बढ़ रही है। भारत में आज डीजल की कीमत लगभग ₹100 प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत ₹110 रुपये प्रति लीटर है। वही रसोई गैस की कीमतें पिछले 4 वर्षों में लगभग दोगुनी से भी अधिक होकर लगभग ₹850 प्रति सिलेंडर के हो गई है।
सरकार ने कोरोना महामारी के दौर में चुपके से रसोई गैस पर दी जा रही आम नागरिक की सब्सिडी को भी समाप्त कर दिया है। लोमरोड़ ने बताया आम नागरिकों द्वारा भुगतान किए जा रहे ईंधन की कीमतों का 70% कर के रूप में सरकार को जाता है। भारत में ईंधन की कीमतें अभी श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल जैसे हमारे पड़ोसी देशों सहित अन्य देशों की तुलना में काफी अधिक हैं। सच्चाई यह है कि विमानन ईंधन उससे ईंधन से सस्ता है जिसका उपयोग किसानों जैसे आम उपभोक्ता करता है। नागरिक इस बोझ को सहन करना जारी नहीं रख सकते हैं और इस संदर्भ में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।
मेहराम धोलिया जिला अध्यक्ष, इंटक ने बताया कि मोदी जी द्वारा किए गये वादों की आज बीजेपी सरकार खुद ही धज्जियां उड़ा रही हैं। वही पवन काला रोटरी क्लब ने किसान और मजदूर को अपने हक के लिए लड़ने की बात कही। जेठाराम बागड़िया जिले के किसानों से अपने अधिकार और हक की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। पूर्व प्रधान भेराराम धुंधवाल (जिलाध्यक्ष, जाट महासभा) ने किसानों की लड़ाई को लंबा लड़ने की बात कही।
युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष सहदेव कसवा ने युवाओं को जागरूक करने तथा संगठन को मजबूत करने की बात बताई। युवा नेता रामप्रसाद रोल ने आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के बारे में तथा नागौर जिले के समस्त टोल प्लाजा को बंद करने संबंधित जानकारी दी।, फरीद खा दायमा ने किसान, मजदूर के बारे में अपने विचार व्यक्त किये। सोहन खिलेरी, ओमप्रकाश मेघवाल ने केंद्र सरकार कृषि कानून वापिस लेने की बात कही। प्रेमसुख जाजड़ा ने मोदी सरकार की जमकर आलोचना की।
किसानों ने नागौर कलेक्ट्रेट के सामने एकत्रित हुए तथा मुख्य मार्ग से होते हुए रेल स्टेशन चौराहे तक नारे लगाते हुए रैली निकाली। सभा में जाट महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष रामकरण डूकिया, पाबूराम बेनीवाल,(महामंत्री इंटक), सीताराम तांडी, अर्जुन प्रजापत,चंदाराम सियाग, रणजीत धौलिया (अध्यक्ष पूर्व छात्र संघ), नारायण बरनगांव, हरदेव गारू, तेजाराम गोरचिया, सरपंच ओमप्रकाश मेघवाल, दुलाराम बेनीवाल, मंगलाराम, पूर्व पार्षद हरीराम जाखड़, शिक्षक संघ शेखावत उपशाखा अध्यक्ष हरजीत काला आदि मौजूद रहे।


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