हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने दिए निर्देश, प्रयास सार्थक हो जाए तो हादसों में 80% तक कमी! जानिए क्या है नागौर प्रशासन के उपाय..
हाइवे पर लगाए जाएं नजदीकी ट्रोमा सेंटर की दिशा एवं दूरी से संबंधित सूचना पट्ट
बेसहारा पशुओं से होने वाले सड़क हादसों की रोकथाम के लिए करें सार्थक प्रयास
नागौर। जिला यातायात प्रबंधन समिति की बैठक जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। डाॅ. सोनी ने जिले के समस्त शहरी क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण रोकने संबंधी बोर्ड लगाने, रिफ्लेक्टर महाअभियान, यातायात व्यवस्थाओं में सुधार, बेसहारा पशुओं से होने वाले सड़क हादसों की रोकथाम, सड़क पर ध्यान भटकाने वाले होर्डिग्स व अन्य अवरोध हटाने तथा यातायात नियमों की पालना करवाने के लिए पुलिस, परिवहन व सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि चिकित्सा विभाग के सहयोग से हाइवे क्षेत्र में स्थित नजदीकी ट्रोमा सेंटर की दिशा एवं दूरी से संबंधित सूचना पट्ट तथा आपातकाल सहायता नंबर नियमित अंतराल पर लगाए जाएं तथा सड़क के पास स्थित स्कूली क्षेत्र में संकेतक बोर्ड लगवाएं जाएं। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र में अस्पतालों तथा स्कूलों के पास ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए ध्वनि निषेधक बोर्ड लगवाएं जाएं।
बैठक के दौरान डाॅ. सोनी ने कहा कि रिफ्लेक्टर महाअभियान के अंतर्गत वाहनों विशेषकर ट्रैक्टर ट्रोली के पीछे सामाजिक संस्थाओं व नगरपरिषद के सहयोग से रिफ्लेक्टर लगवाए जाएं। इस दौरान नगरपरिषद आयुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि जिला कलक्ट्रेट से गांधी चैक तक आदर्श सड़क के निर्माण के लिए तेजी से कार्य करते हुए विभिन्न स्थानों पर संकेतक बोर्ड व स्पीड ब्रेकर लगाएं जाएं। डाॅ. सोनी ने कहा कि मानसून के दौरान सड़क के किनारे झाड़ियां बढ़ जाती है, जिससे कई बार दुर्घटनाएं होने की संभावना रहती है। इस प्रकार संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन का सहयोग लेकर समय-समय पर इनको हटवाया जाएं।
शहरी क्षेत्रों में अनावश्यक दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सड़कों के किनारे घूम रहे बेसहारा पशुआंे को नंदीशाला तथा गौशाला में भिजवाने के लिए नगर निकायों के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। डाॅ. सोनी ने कहा कि जिलेभर में बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र चलने वाले वाहन, जो वातावरण को प्रदूषित करते है, उनके विरूद्व ज्यादा से ज्यादा कार्यवाही करके वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाई जाएं। इसके लिए जिले में संचालित पैट्रोल पम्प व टोल नाकों पर प्रदूषण जांच केन्द्रों की स्थापना करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले चालको के विरूद्व कार्यवाही करने तथा नियमों का पालन नही करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर उनके चालान काटे जाने के भी निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने रोडवेज डिपो के पास निजी बसों के ठहराव को रोकने तथा सड़क पर खड़े किए जाने वाले अव्यवस्थित वाहनों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शहर में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यस्तम चैराहों पर ट्राफिक-लाइट व दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों, घातक मोड़ों तथा स्कूल व महाविद्यालयों को इंगित करने वाले संकेतक बोर्ड लगाने एवं साथ ही राजमार्गो व अन्य सड़कों पर ध्यान भटकाने वाले हाॅर्डिंग्स व अन्य अवरोधों को हटवाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कलक्टर डाॅ. सोनी ने कहा कि सड़क दुर्घटना में कमी लाने हेतु सड़को पर असुरक्षित रोड़ स्ट्रेच का चिह्नीकरण कर दुर्घटना सूचक संकेतक भी लगाये जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार, डीडवाना एडीएम रिछपालसिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चैधरी, नगर परिषद आयुक्त श्रवणकुमार चैधरी, जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चैधरी, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रहलादराम खुड़िवाल, रोड़वेज डिपो की मुख्य प्रबंधक उषा चैधरी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।


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