PrimoPost - Latest News Articles Information India

Latest Information Articles Culture Politics Daily News Government Global Activities Covid-19 Guidlines

Breaking

बैठक लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बैठक लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 2 जुलाई 2021

जुलाई 02, 2021

हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने दिए निर्देश, प्रयास सार्थक हो जाए तो हादसों में 80% तक कमी! जानिए क्या है नागौर प्रशासन के उपाय..

हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने दिए निर्देश, प्रयास सार्थक हो जाए तो हादसों में 80% तक कमी! जानिए क्या है नागौर प्रशासन के उपाय..



हाइवे पर लगाए जाएं नजदीकी ट्रोमा सेंटर की दिशा एवं दूरी से संबंधित सूचना पट्ट


बेसहारा पशुओं से होने वाले सड़क हादसों की रोकथाम के लिए करें सार्थक प्रयास


नागौर। जिला यातायात प्रबंधन समिति की बैठक जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। डाॅ. सोनी ने जिले के समस्त शहरी क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण रोकने संबंधी बोर्ड लगाने, रिफ्लेक्टर महाअभियान, यातायात व्यवस्थाओं में सुधार, बेसहारा पशुओं से होने वाले सड़क हादसों की रोकथाम, सड़क पर ध्यान भटकाने वाले होर्डिग्स व अन्य अवरोध हटाने तथा यातायात नियमों की पालना करवाने के लिए पुलिस, परिवहन व सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।


जिला कलक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि चिकित्सा विभाग के सहयोग से हाइवे क्षेत्र में स्थित नजदीकी ट्रोमा सेंटर की दिशा एवं दूरी से संबंधित सूचना पट्ट तथा आपातकाल सहायता नंबर नियमित अंतराल पर लगाए जाएं तथा सड़क के पास स्थित स्कूली क्षेत्र में संकेतक बोर्ड लगवाएं जाएं। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र में अस्पतालों तथा स्कूलों के पास ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए ध्वनि निषेधक बोर्ड लगवाएं जाएं।


बैठक के दौरान डाॅ. सोनी ने कहा कि रिफ्लेक्टर महाअभियान के अंतर्गत वाहनों विशेषकर ट्रैक्टर ट्रोली के पीछे सामाजिक संस्थाओं व नगरपरिषद के सहयोग से रिफ्लेक्टर लगवाए जाएं। इस दौरान नगरपरिषद आयुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि जिला कलक्ट्रेट से गांधी चैक तक आदर्श सड़क के निर्माण के लिए तेजी से कार्य करते हुए विभिन्न स्थानों पर संकेतक बोर्ड व स्पीड ब्रेकर लगाएं जाएं। डाॅ. सोनी ने कहा कि मानसून के दौरान सड़क के किनारे झाड़ियां बढ़ जाती है, जिससे कई बार दुर्घटनाएं होने की संभावना रहती है। इस प्रकार संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन का सहयोग लेकर समय-समय पर इनको हटवाया जाएं।


शहरी क्षेत्रों में अनावश्यक दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सड़कों के किनारे घूम रहे बेसहारा पशुआंे को नंदीशाला तथा गौशाला में भिजवाने के लिए नगर निकायों के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। डाॅ. सोनी ने कहा कि जिलेभर में बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र चलने वाले वाहन, जो वातावरण को प्रदूषित करते है, उनके विरूद्व ज्यादा से ज्यादा कार्यवाही करके वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाई जाएं। इसके लिए जिले में संचालित पैट्रोल पम्प व टोल नाकों पर प्रदूषण जांच केन्द्रों की स्थापना करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले चालको के विरूद्व कार्यवाही करने तथा नियमों का पालन नही करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर उनके चालान काटे जाने के भी निर्देश दिए।


बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने रोडवेज डिपो के पास निजी बसों के ठहराव को रोकने तथा सड़क पर खड़े किए जाने वाले अव्यवस्थित वाहनों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शहर में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यस्तम चैराहों पर ट्राफिक-लाइट व दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों, घातक मोड़ों तथा स्कूल व महाविद्यालयों को इंगित करने वाले संकेतक बोर्ड लगाने एवं साथ ही राजमार्गो व अन्य सड़कों पर ध्यान भटकाने वाले हाॅर्डिंग्स व अन्य अवरोधों को हटवाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कलक्टर डाॅ. सोनी ने कहा कि सड़क दुर्घटना में कमी लाने हेतु सड़को पर असुरक्षित रोड़ स्ट्रेच का चिह्नीकरण कर दुर्घटना सूचक संकेतक भी लगाये जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।


बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार, डीडवाना एडीएम रिछपालसिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चैधरी, नगर परिषद आयुक्त श्रवणकुमार चैधरी, जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चैधरी, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रहलादराम खुड़िवाल, रोड़वेज डिपो की मुख्य प्रबंधक उषा चैधरी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

सोमवार, 28 जून 2021

जून 28, 2021

गलियारों में नजर आएंगे हरे-भरे पौधे, दूर होगी मोबाइल नेटवर्क प्राॅबलम, जानिए क्या है जिला प्रशासन का प्लान...

गलियारों में नजर आएंगे हरे-भरे पौधे, दूर होगी मोबाइल नेटवर्क प्राॅबलम, जानिए क्या है जिला प्रशासन का प्लान...


पंडित जेएलएन अस्पताल में आरएमआरएस की बैठक




जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बैठक में निर्देश


नागौर। जेएलएन राजकीय अस्पताल में सोमवार को राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसाइटी की बैठक जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में गत एजेण्डा सहित वर्तमान एजेण्डा के बिन्दुओं पर विचार मंथन के बाद जिला कलक्टर ने अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं को लेकर निर्देश दिए।


जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान पंडित जेएलएन राजकीय अस्पताल में चिकित्सकों व उनकी टीम ने कोरोना पाॅजिटिव मरीजों के उपचार में बेहत्तरीय कार्य है, इसके लिए वे सराहना के पात्र हैं। अस्पताल में आक्सीजन प्लांट से लेकर कंसंट्रेटर तक की सुविधाएं मरीजों को मिली और वे स्वस्थ होकर घर की ओर लौटे। डाॅ. सोनी ने निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण अभी खत्म नहीं हुआ है, इसकी तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सभी प्रकार की चिकित्सा सुविधाओं को अपडेट रखा जाए। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में निर्माणधीन आॅक्सीजन प्लांट का काम जल्द ही पूरा किया जाए और सहायक कलक्टर प्रषासनिक स्तर पर इसकी नियमित माॅनिटरिंग करें। 


डाॅ. सोनी ने निर्देश दिए कि मानसून सीजन को देखते हुए अस्पताल मुख्य भवन एवं एमसीएच विंग में कहीं भी लीकेज और मरम्मत के काम है तो उसे ठीक करवाएं। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि अस्पताल में डाॅक्टर्स चैम्बर में सभी सुविधाएं मुहैया करवाएं और प्रत्येक चैम्बर को वातानुकुलीत किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में हरियाली के लिए चिकित्सकों के चैम्बर्स सहित वार्डों के द्वार पर  विभिन्न प्रजातियों के हरे-भरे पौधों के गमले लगाएं ताकि यहां आने वाले मरीज और उनके परिजन अच्छा वातावरण महसूस कर सकें। 


बैठक में निर्णय किया गया कि एमसीएच विंग में मोबाइल नेटवर्क प्रोबलम दूर करने के लिए काम होगा। इसके तहत यहां वाई-फाई सुविधा भी विकसित होगी। डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डाॅ.शंकरलाल को निर्देश दिए कि जेएलएन अस्पताल को आबंटित की गई दस बीघा भूमि की पैमाईश करवाकर तारबंदी करवाएं। बैठक के दौरान जेएलएन अस्पताल में स्थित पुलिस चैकी में स्टाफ बढ़ाने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान नगर परिषद आयुक्त श्रवण चौधरी को अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था लगातार बनाएं रखने के निर्देश दिए। 


जिला कलक्टर ने पंडित जेएलएन अस्पताल मुख्य विंग एवं एमसीएच विंग को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर एनर्जी प्लांट लगाने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देष दिए। उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे इसके लिए पूरी कार्ययोजना बनाएं ताकि सोलर प्लांट लगवाने की आगामी कार्रवाई पर काम हो सके। 


बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मेहराम महिया, एमसीएच विंग के प्रभारी डाॅ. आरके सुथार, आरएमआरएस के सदस्य डाॅ. शंकरलाल परिहार, ब्लड बैंक प्रभारी डाॅ. सुनीता सिंह, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता जगदीश चंद्र व्यास, लेखधिकारी निर्मल पारीक सहित अन्य चिकित्सक व अधिकारी मौजूद थे।

बुधवार, 23 जून 2021

जून 23, 2021

नगर परिषद नागौर का यह कैसा बोर्ड जहां महिला पार्षद साधारण सभा की बैठक में किसी मुद्दे पर नहीं बोलती हैं? सभापति सहित 16 महिला पार्षद मूकदर्शक बनी रहीं !

नगर परिषद नागौर का यह कैसा बोर्ड जहां महिला पार्षद साधारण सभा की बैठक में किसी मुद्दे पर नहीं बोलती हैं? सभापति सहित 16 महिला पार्षद मूकदर्शक बनी रहीं !



 नागौर नगर परिषद की साधारण सभा की बैठक बुधवार को सुबह 11:00 बजे संपन्न हुई। सभापति मीतू बोथरा ने बैठक की अध्यक्षता की। आयुक्त श्रवण राम चौधरी ने बैठक के एजेंडे के प्रस्ताव सदन के समक्ष पेश किए। बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक में शहर में साफ़-सफाई के लिए 3 से बढ़ाकर कर 6 जोन बनाने, एलईडी और हाई-मास्ट लाइटें लगाने सहित कई प्रस्ताव बहुमत से पास किए गए। 



आज संपन्न हुई बैठक में सभापति मीतू बोथरा सहित 17 महिला पार्षद बैठक में मौजूद रहीं। इनमें से सिर्फ एक महिला पार्षद शोभा कंवर ने एक प्रस्ताव पर अपनी राय रख कर उपस्थिति दर्ज कराई। बाकी सभी महिला पार्षद मूकदर्शक बनी रहीं। किसी भी मुद्दे पर अपनी बेबाक राय जाहिर नहीं कर पाई। इनमें 2 महिला पार्षद ऐसी थी जो पूरे समय घुंघट में ही रहीं। वैसे देखा जाए तो साधारण सभा की बैठक में किसी भी जनप्रतिनिधि का किसी मुद्दे पर बोलना या नहीं बोलना स्वविवेक होता है। मगर बड़ी संख्या में महिला जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के बावजूद कुछ भी नहीं बोलना चर्चा का विषय रहा।


करीब 47 मिनट चली साधारण सभा की बैठक में सर्वाधिक वहीं पार्षद जिस बहस करते नजर आए जो पिछले बोर्ड में भी बोलते थे। यह पार्षद इस बार भी जब बोलते हैं तो किसी दूसरे पार्षद को बोलने यानी अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इसकी खुन्नस कई पार्षदों में भरी सभा में निकाली। बोलने का मौका देने की बार-बार गुहार लगाते नजर आए मगर आदत से मजबूर कुछ पार्षदों ने इसकी परवाह ही नहीं की।


बैठक के दौरान समितियों की स्वीकृति के लिए निदेशालय को भेजे गए पत्र के संबंध में विचार विमर्श किया गया। नया बोर्ड का गठन हुए 6 माह होने वाले हैं लेकिन समितियों का गठन नहीं होने से पार्षदों में रोष देखा गया।


नगर परिष द्कार्यालय व दामोदरदास हॉल के बीच ऊपर के निर्माण को लेकर प्रस्ताव को पास किया। शहर की कॉलोनियों में हाईमास्ट व एलईडी लाइट खरीदने के प्रस्ताव को पास कर पार्षदों की मांग अनुरूप लगाने की बात कही गई। स्टोर के नकारा सामान की नीलामी के प्रस्ताव को पास किया गया बैंक ऑफ़ बड़ौदा एटीएम के पीछे नगर परिषद कार्यालय परिसर में ई मित्र स्वीकृत किया गया।


पत्रकार कॉलोनी में पत्रकारों को आवासीय भूखंड आवंटन का अनुमोदन किया गया। निर्माण एवं विकास कार्यों से सम्बंधित कार्यों की स्वीकृति दी गई। टेक्सी पार्किंग स्थल, अहिछत्रपुर कॉलोनी में सड़कों का निर्माण सभी विकास कार्य पार्षदों की मांग अनुसार होंगे।कर्मचारी की अनुकम्पा नियुक्ति व पदोन्नति के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया।

रविवार, 30 मई 2021

मई 30, 2021

एक दिवसीय नागौर दौरे पर आए जिले के प्रभारी मंत्री बोले पोस्ट कोविड इफेक्ट व कोरोना संक्रमण के भविष्य की तैयारी जरूरी..

एक दिवसीय नागौर दौरे पर आए जिले के प्रभारी मंत्री बोले पोस्ट कोविड इफेक्ट व कोरोना संक्रमण के भविष्य की तैयारी जरूरी..



प्रदेश के राजस्व मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री हरीश चौधरी ने ली जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक


नागौर, 30 मई। प्रदेश के राजस्व मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री हरीश चौधरी रविवार को एक दिवसीय दौरे पर नागौर पहुंचे। एक दिवसीय प्रवास में जिला कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में प्रभारी मंत्री चौधरी ने विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ की बैठक कर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए। 


इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री हरीश चौधरी को कहा कि पोस्ट कोविड इफैक्ट तथा कोरोना से लडने की भविष्य की तैयारी आवश्यक है। इस दृष्टि से गांव के जागरूक नागरिकों व श्रेष्ठ लोगों के माध्यम से कार्य का विकेंद्रीकरण करें। इससे स्थानीय स्तर पर ही उपचार की व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। चौधरी ने कहा कि राज्य, जिले के बाद ब्लॉक, ब्लॉक के बाद पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में बीएलओ का सिस्टम आज सबसे अच्छा है। शिक्षा विभाग में जहां स्कूलों की रेगुलर रिपोर्टिंग होती है, उसी माध्यम से बीएलओ से नीचे 3-4 स्वयंसेवक के स्वभाव से काम करने वाले सहयोगी ग्रामीण व नागरिकों को लेकर उनके अधीन घरों की संख्या नियत कर जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस कार्य में पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी से सहयोग लेकर के राज्य स्तर पर प्राप्त सूचना और उसकी क्रियान्विति स्थानीय स्तर पर शीघ्रता से संभव हो सकती है।       

                                        

नागौर के कोविड हैल्थ मैनेजमेंट व अभियान ‘‘लाडेसर‘‘ की तारीफ         

 

प्रदेश के राजस्व मंत्री व जिला प्रभारी हरीश चौधरी ने नागौर में कोविड हैल्थ मैनेजमेंट सिस्टम के तहत  राजकीय चिकित्सा संस्थाओं में कोविड मरीजों को दी गई उपचार की सुविधाओं और कुपोषित बच्चों व एनीमिक बालिकाओं के स्वास्थ्य कल्याण को लेकर शुरू किए गए अभियान ‘‘लाडेसर‘‘ की सराहना की।  उन्होंने नागौर जिले में कोविड-19 विरुद्ध लड़ाई में जिला वार रूम के स्थापना को सराहनीय कदम बताते हुए इसे स्टेट लेवल पर भी क्रियान्वित करने की बात कही। प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के निमित्त कुछ व्यवस्थाएं स्थाई कर लेनी चाहिए, ताकि नीचे से ऊपर और ऊपर से नीचे की सूचना के आधार पर अतिशीघ्र व प्रमाणित रुप से कार्य किया जा सके। इससे वास्तविक स्थिति से पॉजिटिव रिकवर मरीजों तथा संदिग्ध मरीज नागरिकों दोनों पर ही ठीक से ध्यान रखा जा सकता है।              


 गांवों में बी.पी. व शुगर रोग के प्रति जागरूकता लाएं                          

जिला प्रभारी मंत्री हरीश चौधरी ने बैठक में निर्देश दिए कि जिले में चल रहे घर-घर हैल्थ सर्वे के दौरान  बीपी व शुगर रोग के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता लाएं तथा ऐसे मरीजों को चिह्नित करते हुए उनका डाटाबेस  तैयार करने की आवश्यकता है।  उन्होंने कहा कि एक गांव का मॉडल दूसरे गांव में लागू नहीं किया जा सकता है, इसलिए स्थानीय परिस्थिति के अनुसार कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है। सभी विभागों को विशेष रूप से चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग को इस प्रकार की कार्य योजना पर आगे बढना होगा, कि हम कोविड-19 के पीछे नहीं रहे। साथ ही टीकाकरण पर जोर भी लगातार दें। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जन सामान्य के बीच में कार्य प्रमाणिकता से करेंगे तो भामाशाह व संगठन मदद अवश्य करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में सबसे अधिक प्राथमिकता ऑक्सीजन पर जोर देने की रही। इस संबंध में सभी स्तरों पर अच्छा काम हुआ है। 


जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया


जिला प्रभारी मंत्री हरीश चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नागौर के जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में जिला स्तर पर हुए विभिन्न कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से प्राप्त प्रोनिंग विधि को कोरोना मरीजों के बेड के पीछे ही सचित्र विधि के द्वारा लगा दिया गया तथा चिकित्सकों को भी वीसी के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई। डॉ. सोनी ने बताया कि कोरोना के उपचार के निमित्त पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय अस्पताल के अलावा पुराना अस्पताल व अन्य स्थान पर चिकित्सा व्यवस्था सुलभ होने पर जिला मुख्यालय के अस्पताल पर दबाव कम पड़ा। इसी प्रकार से अन्य चिकित्सालयों में भी स्थानीय स्तर पर व्यवस्था का विकेंद्रीकरण करने से 


सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इससे मरीजों में भी राजकीय अस्पतालों में चिकित्सा करवाने की दृष्टि से मनोवैज्ञानिक रूप से भी सकारात्मक प्रभाव रहा। जिला कलक्टर ने बताया कि कोरोना के विरुद्ध संघर्ष में जिन विभिन्न क्षेत्रों या विभागों का सीधा सम्पर्क रहा है, ऐसे कार्मिकों को 22 कैटेगरी में विभक्त करके उनका टीकाकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने कोरोना से लड़ाई के निमित्त अग्रिम रूप से ही अभियान लाडेसर के माध्यम से किए जा रहे हैं, जिसमें कुपोषित बालकों को चिह्नित करके उनका डाटाबेस तैयार किया जा रहा हैं। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक श्वेता धनखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी, उपखंड अधिकारी अमित कुमार चैधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेहराम महिया, एसीएमएचओ डॉ. शीशराम चौधरी, पीएमओ डॉ. शंकरलाल रीको के क्षेत्रीय महाप्रबंधक विपोन मेहता मौजूद रहे।

शनिवार, 22 मई 2021

मई 22, 2021

कुपोषित व ऐनिमिक बच्चों पर अब दिया जाएगा विशेष ध्यान, 15 दिन में किशोरी बालिकाओं को रक्त की कमी को दूर करने वाली आयरन टेबलेट शत प्रतिशत रूप से देने का लक्ष्य निर्धारित..

कुपोषित व ऐनिमिक बच्चों पर अब दिया जाएगा विशेष ध्यान, 15 दिन में किशोरी बालिकाओं को रक्त की कमी को दूर करने वाली आयरन टेबलेट शत प्रतिशत रूप से देने का लक्ष्य निर्धारित..



जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न.



नागौर, 22 मई। कोरोना संक्रमण के विरुद्ध संघर्ष के निमित्त जिला कलक्ट्रेट स्थित सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक प्राधिकरण अध्यक्ष व जिला कलक्टर डॉ जितेंद्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें जिला स्तरीय अधिकारियों व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ कोरोना के विरुद्ध संघर्ष से संबंधित कार्यों के क्रियान्वयन की प्रगति की जानकारी ली गई तथा अग्रिम निर्देश भी दिए गए।


जिला कलक्टर ने चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग तथा आंगनबाड़ी से संबंधित कार्यकर्ताओं का सहयोग लेकर 15 दिन में किशोरी बालिकाओं को रक्त की कमी को दूर करने वाली आयरन टेबलेट शत प्रतिशत रूप से देने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ग्राम पंचायतवार ऐसी किशोरी बालिकाओं की सूची तथा कुपोषित बच्चों की सूची भी संकलित कर जिला स्तर पर समन्वित करने का निर्देश दिया। उन्होंने चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस महामारी की विशेष परिस्थिति में सभी अधीनस्थ कार्मिकों को विशेष रूप से कार्य विभाजन निर्धारित कर अलग-अलग दायित्व सौंपने का भी निर्देश दिया।


बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने कोरोना मरीज के परिवारों तथा लक्षणों वाले नागरिकों को दिए जाने वाले मेडिसिन किट ब्लॉक लेवल पर तैयार करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नागौर जिले सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में बाल वर्ग के नागरिकों की संख्या अधिक है। इसलिए कोरोना के शिशु व बच्चों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव के संदर्भ में पूर्व तैयारियां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक करने हेतु निर्देश पूर्व में दिए जा चुके हैं। इसे अतिशीघ्र पूर्ण रूप से सुव्यवस्थित करें।

जिला कलक्टर ने कहा कि शिशु रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी अतिशीघ्र ट्रेनिंग करवाई जाएं। साथ ही अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा शिशु रोग विशेषज्ञों से भी अनुभव साझा करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही केंद्र व राज्य स्तर पर प्राप्त प्रोटोकॉल से संबंधित निर्देशों का विशेष रूप से अध्ययन करके प्रोटोकॉल के संबंध में कार्य योजना बनाए जाने की आवश्यकता है। इसमें बच्चों को दी जाने वाली दवा व खुराक देने की मात्रा तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुभव अन्य जिलों के डॉक्टरों से भी साझा करने तथा अनुभव लेने के बारे में बताया गया।


कुपोषित बच्चों के पोषण पर हो पूरा फोकस


जिला कलक्टर डाॅ जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि कुपोषित बच्चों में कोरोना से संक्रमित होने की आशंका अधिक रहती है। इस कारण से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अपेक्षाकृत कम होती है। इसलिए मेरी सभी नागरिकांे व ग्रामीणों से विशेष रुप से परिवार के मुखियाओं से निवेदन है कि 6 वर्ष आयु वर्ग तक के कुपोषित बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र तथा इससे अधिक आयु वर्ग के कुपोषित बच्चों को गांवों में स्थित संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के एएनएम से संपर्क कर आवश्यक परामर्श लें। इस संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम द्वारा रक्त की कमी को दूर करने के लिए दी जाने वाली आयरन टेबलेट अवश्य लें। डाॅ सोनी ने जनप्रतिनिधियों व मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी अभियान की कोर कमेटी के सभी सदस्यों, भामाशाहों व स्वयंसंवी संगठनों से भी इस संबंध में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करने का आह्वान किया।


सीएचसी एवं पीएचसी के प्रबंधन को करें और मजबूत


जिला कलक्टर ने बैठक के दौरान जिले में कोरोना के मौजूदा हालात की समीक्षा की और संक्रमण में कमी तथा आवश्यक संसाधनों की बेहतर उपलब्धता पर संतोष जताया। उन्होंने चिकित्सा विभाग द्वारा किए जा रहे डोर टू डोर सर्वे की विस्तार से जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सर्वे के दौरान पाए जाने वाले खांसी, जुकाम व बुखार के सामान्य लक्षण वाले मरीजों का भी जीरो मूवमेंट सुनिश्चित किया जाएं ताकि वे संक्रमण नहीं फैला सके। उन्होंने कहा कि सीएचसी एवं पीएचसी के प्रबंधन को और मजबूत किया जाएं ताकि जिला अस्पताल पर लोड ना आए तथा ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा उनके क्षेत्र में ही मिल सके। ऑक्सीजन, बेड रेमडेसिविर इंजेक्शन एवं अन्य दवा की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली गई।


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ मेहराम महिया ने बताया कि संक्रमण कम होने पर लोग लापरवाही ना बरतें, आगे भी सतर्क रहे। डाॅ महिया ने कोरोना संक्रमण एवं प्रबंधन संबंधी सभी सूचनाएं उपलब्ध करवाई। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ शंकरलाल ने बताया कि जिला अस्पताल में अब सभी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चैधरी, उपखण्ड अधिकारी अमित चैधरी, सहायक कलक्टर रामजस बिश्नोई, उप पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, रीको के क्षेत्रीय महाप्रबंधक विपोन मौजूद रहे।