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बुधवार, 30 जून 2021

ओवैसी और राजभर का अनोखा फार्मूला.. उत्तर प्रदेश में पांच मुख्यमंत्री और 20 उपमुख्यमंत्री!.. जानिए कैसे संभव होगा यह फॉर्मूला?

ओवैसी और राजभर का अनोखा फार्मूला.. उत्तर प्रदेश में पांच मुख्यमंत्री और 20 उपमुख्यमंत्री!.. जानिए कैसे संभव होगा यह फॉर्मूला?



उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां अपने अपनी गोटियां सेट करने में लग गई है। भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए विपक्षी पार्टियों को किसी भी गठबंधन से परहेज नहीं है। 2017 के चुनाव में मात्र 38 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी Aimim इस बार 200 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। सत्ता हासिल करने के लिए इस बार सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर के साथ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के साथ गठबंधन किया है।


गठबंधन के साथ दोनों पार्टियों में एक फार्मूला तैयार किया है जिसके तहत सत्ता में आने पर वह 5 साल में 5 मुख्यमंत्री बनाएंगे। 1 साल मुस्लिम दूसरे साल कुशवाह तीसरे साल चौहान चौथे साल दलित पांचवे साल ब्राह्मण जाति से मुख्यमंत्री बनाएंगे। इसके साथ ही हर साल चार उपमुख्यमंत्री भी बनाए जाएंगे। यानी 5 साल में 20 उप मुख्यमंत्री बनेंगे।


इससे पूर्व Aimim अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन कल इस दावे को खारिज कर दिया। ओवैसी ने 2 दिन पहले दावा किया था कि उनकी पार्टी राजभर द्वारा गठित 'भागीदारी मोर्चा' के तहत इन सीटों पर चुनाव लड़ेगी। राजभर ने कहा, ‘AIMIM के साथ सीट बंटवारे की अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। भागीदारी मोर्चा आने वाले दिनों में इस पर चर्चा करेगा और यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी से मुकाबला करने की उनकी तैयारियों का आकलन करेगा।


राजभर ने कहा कि AIMIM नेतृत्व ने केवल 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन सीट बंटवारे के फार्मूले को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। SBSP प्रमुख ने कहा कि उनके नेतृत्व में गठित मोर्चा अगले साल होने वाले राज्य चुनावों में सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘लेकिन इसके लिए भागीदारों को उच्च-दांव वाले राजनीतिक मुकाबले के लिए अपने संगठनात्मक रैंक को मजबूत करने की जरूरत है। यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है और हम किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं कर सकते।’ 


राजभर AIMIM, कृष्णा पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल और पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के नेतृत्व वाले जन अधिकार मंच सहित बीजेपी के विभिन्न राजनीतिक विरोधियों तक पहुंच रहे हैं, ताकि एक राजनीतिक मोर्चा बनाया जा सके जो संभावित रूप से एक राजनीतिक ताकत के रूप में उभर सके। राजभर ने हाल के महीनों में आम आदमी पार्टी के साथ भी कई बैठकें की हैं, हालांकि दोनों पक्षों ने गठबंधन की कोई पुष्टि नहीं की है।

 AIMIM गत चुनाव में 38 सीटों पर लड़ी थी..

साल 2017 के विधानसभा चुनाव में 38 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली एआईएमआईएम एक भी सीट नहीं जीत सकी थी और मात्र 0.2 प्रतिशत वोट शेयर हासिल करने में सफल रही। दूसरी ओर, एसबीएसपी ने आठ सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किया था। राजभर के दबदबे वाले राजनीतिक संगठन ने 0.7 प्रतिशत वोट शेयर हासिल करते हुए चार सीटें जीतीं, जो एआईएमआईएम की तुलना में काफी अधिक थी।

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