लॉक डाउन- 4 बना नागौर के लिए घातक? 42 दिन में कोरोना पॉजिटिव केस पहुंचे थे 172 और अब मात्र 9 दिन में ही बढ गए 226 केस और मृतक भी 4 बढ़े..
लॉक डाउन 4 में रियायतों का दौर जारी है। अर्थव्यवस्था की पटरी चलाए रखने के लिए जरूरी भी है। मगर जिस हिसाब से पिछले 9 दिन में कोरोना पॉजिटिव केस बढ़े हैं यह नागौर जिले के लिए घातक है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो जिले में पहला कोरोना केस 5 अप्रैल को आया था। तीसरे लॉक डाउन के आखिरी दिन तक 142 दिन में 172 पॉजिटिव केस हुए थे। इनमें से 130 ठीक होकर डिस्चार्ज भी हो चुके थे। इस दौरान मृतकों की संख्या 3 थी। 18 मई से लॉक डाउन 4 की शुरुआत हुई।
26 मई दोपहर 2:00 बजे तक मात्र 9 दिनों में ही 226 कोरोना पॉजिटिव मामले बढ़ चुके हैं। साथ ही मृतक संख्या भी चार बढ़कर अब 7 हो चुकी है। यानी दोगुना से ज्यादा हो गए हैं। हालांकि इनमें अधिकांश पॉजिटिव केस प्रवासियों के हैं।
अब तक कुल सैम्पल में से 13030 सैम्पल की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी हैं। जिले में 25 मई को 204 नए सैम्पल लिए गए। वर्तमान में 1446 सैम्पल की रिपोर्ट आना शेष हैं। जिले में बाहर से आने वाले 4138 लोगों ऐसे हैं, जिनमें कोरोना संक्रमण की संदिग्धता को देखते हुए सैम्पल लिए गए हैं
सर्वाधिक राजकीय जेएलएन अस्पताल, नागौर के 5620 सैम्पल लिए गए हैं। वहीं राजकीय बांगड़ अस्पताल, डीडवाना में 1286, राजकीय जीआर सरावगी अस्पताल, लाडनूं में 1433, राजकीय राधाकिशन सारडा अस्पताल, कुचामन में 1355, राजकीय सीएचसी, मकराना में 1158, राजकीय सीएचसी, परबतसर में 525, राजकीय सीएचसी बाजवास में 101, राजकीय सीएचसी नावां में 148, राजकीय सीएचसी मूंडवा में 493, राजकीय सीएचसी खींवसर में 179, राजकीय सीएचसी डेगाना में 115, राजकीय सीएचसी रियांबड़ी में 197 तथा राजकीय सीएचसी मेड़ता में अब तक 266 सैम्पल लिए गए हैं।




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