ब्लैक फ्राईडे.. नागौर जिले में एक ही दिन में महिला कांस्टेबल सहित 6 कोरोना पॉजिटिव, सांसद बेनीवाल एसपी और एएसपी पर लगाया लापरवाही बरतने का आरोप, उधर, एसपी ने जवानों का बढ़ाया हौसला
नागौर। शुक्रवार का दिन नागौर जिले के बहुत भारी रहा। एक ही दिन में 6 कोरोनावायरस पॉजिटिव मरीज मिले। लाडनूं में चार और कोरोना संक्रमित सामने आए। अब जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 14 पहुंच गया। आज का दिन पुलिस प्रशासन के लिए भी हड़कंप मचाने वाला रहा जब परबतसर थाने में महिला कांस्टेबल कोरोना पॉजिटिव पाई गई। यह कांस्टेबल अपने गांव ईनाणा में एक दिन रुकी थी।
इस मामले को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने एसपी और एडिशनल एसपी पर गैर जिम्मेदाराना रवैये व लापरवाही तथा मनमानी बरतने का आरोप लगाया है।
बेनीवाल ने बताया कि पुलिस में पॉजिटिव केस आने की वजह से जिले का पूरा पुलिस बल मायूस है, आज कोरोना योद्धा बनकर ड्यूटी पर कार्यरत रही जिस महिला कांस्टेबल की कोरोना पॉजिटिव रिपॉर्ट आई उसको 4 अन्य महिला कांस्टेबलों व पुरुष कांस्टेबल के साथ 10 अप्रेल को बासनी के कोरोना प्रभावित क्षेत्र में ड्यूटी करने के बाद परबतसर थाने में ड्यूटी पर भेजा गया, उससे पूर्व एसपी ऑफिस में तथा एडिशनल एसपी के रिजर्व टीम भी ड्यूटी करवाई गई।परबतसर में 2 महिला कानिस्टेबलो की तबीयत बिगड़ने व कोरोना के संभावित लक्षण नजर आने पर 12 अप्रेल को परबतसर थाना अधिकारी ने उन दोनों महिला पुलिस कार्मिको को एम्बुलेंस से नागौर पुलिस लाइन भेज दिया और एसपी तथा एडिशनल एसपी ने उन दोनों महिला पुलिस कार्मिकों को सरकारी अस्पताल में दिखाने की बजाय निजी अस्पताल में दिखाकर लिपापोती कर दी।
जबकि नियमानुसार लक्षण नजर आने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में क्यांरेंटाईन करना चाहिए था। सांसद ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इसी तरह आज पॉजिटिव आई महिला कांस्टेबल में भी लक्षण आने के बावजूद क्वारेंटाईन नही करवाया गया। इस प्रकार बासनी से एसपी ऑफिस फिर परबतसर में विभिन्न स्थानों पर ड्यूटी करने व फिर नागौर पुलिस लाईन भेजना और इस दरमियान उन महिला कार्मिको का उनके घर पर आना जाना, यह जिम्मेदारों की गंभीर लापरवाही प्रतीत हो रही है। बेनीवाल ने बताया कि ईश्वर ना करे यह संक्रमण पुलिस लाईन और अन्य स्थानों पर फैलाव करे। मगर ऐसा कुछ हुआ तो इसके लिए पूर्ण जिम्मेदार एसपी व एडिशनल एसपी होंगे। आज एक महिला पुलिस कार्मिक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जिम्मेदारी से बचने के लिए एसपी ने उन दोनों महिला कार्मिको को पुलिस लाईन से अस्पताल में दाखिल करवाया जबकी प्रोटोकॉल के अनुसार व मानवता के नाते कोरोना प्रभावित क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे कार्मिको व अफसरों की नियमित स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य जांच होनी चाहिए थी।
साथ ही ऐसे कार्मिको को किसी अन्य स्थान पर ड्यूटी करवाने की बजाय निश्चित समय तक सरकारी अस्पताल या अस्थाई क्वेरांटाईन सेंटर पर भेजना था मगर न ऐसा किया और नही किया जा रहा है। सरकार को इस पूरे मामले में नागौर एसपी व एडिशनल एसपी की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए ताकि राज्य के पुलिस बल में निराशा नही हो।
उधर, एसपी ने बढ़ाया पुलिस जवानों का हौसला-
नागौर एसपी डॉ. विकास पाठक मैं शाम को प्रेसवार्ता का आयोजन किया जिसमें नागौर पुलिस को संदेश दिया की आप सभी जांबाज हो, डरे नहीं जैसे पहले ड्यूटी करते थे वैसे ही करते रहे। जैसे अब तक नागौर को संभाला वैसे आगे भी संभालो जो पॉजेटिव पुलिसकर्मी हैं उसे लेकर ज्यादा चिंता की बात नहीं है। वो ठीक है. जो पॉजेटिव के पास ड्यूटी पर थे या संपर्क में थे उनके भी एहतियात के तौर पर सैंपल लेंगे।



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