प्रदेश के बहुचर्चित थानागाजी दुष्कर्म प्रकरण में खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल का बडा बयान....
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और खिवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने अलवर में नवनियुक्त एसपी परिस देशमुख की नियुक्ति को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। खींवसर विधायक बेनीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि जिस पुलिस अधिकारी से प्रताडि़त होकर नागौर पुलिस में कार्यरत दलित पुलिस कर्मी गेनाराम मेघवाल ने अपने परिजनों के साथ सामूहिक आत्म हत्या कर ली थी।
ऐसे व्यक्ति को फिर से दलित हितों का पहरेदार बनाकर अलवर भेजा गया है। क्या सरकार का यही न्याय है। बेनीवाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सवाल किया है कि क्या यही न्याय है गहलोत जी। जिस पुलिस अधीक्षक से प्रताडि़त होकर नागौर जिले में दलित पुलिस कार्मिक गेनाराम परिवार के साथ सामूहिक आत्महत्या कर ली। जिसको जांच अधिकारी आईजी बीएल मीणा ने संदिग्ध माना था। उसी परिस देशमुख को अलवर में दलित हितों की रक्षा के लिए पोस्टिंग दी गई है।आखिर सरकार की ऐसी क्या मजबूरी रही।
ऐसे व्यक्ति को फिर से दलित हितों का पहरेदार बनाकर अलवर भेजा गया है। क्या सरकार का यही न्याय है। बेनीवाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सवाल किया है कि क्या यही न्याय है गहलोत जी। जिस पुलिस अधीक्षक से प्रताडि़त होकर नागौर जिले में दलित पुलिस कार्मिक गेनाराम परिवार के साथ सामूहिक आत्महत्या कर ली। जिसको जांच अधिकारी आईजी बीएल मीणा ने संदिग्ध माना था। उसी परिस देशमुख को अलवर में दलित हितों की रक्षा के लिए पोस्टिंग दी गई है।आखिर सरकार की ऐसी क्या मजबूरी रही।


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