PrimoPost - Latest News Articles Information India

Latest Information Articles Culture Politics Daily News Government Global Activities Covid-19 Guidlines

Breaking

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

भाजपा का हनुमान बेनीवाल के साथ नागौर सीट का समझौता कहीं खुशी कहीं गम वाला! परंपरागत भाजपा वोट वोटर्स असमंजस में फंसे..

भाजपा का हनुमान बेनीवाल के साथ नागौर सीट का समझौता कहीं खुशी कहीं गम वाला! परंपरागत भाजपा वोटर्स असमंजस में फंसे..

नागौर लोकसभा सीट को समझौते के तहत हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी को देने के कारण भाजपा संगठन में कहीं खुशी कहीं गम का माहौल है।भाजपा ने करीब 35 साल बाद किसी अन्य पार्टी को नागौर सीट समझौते में दी है। पिछली बार पूरी 25 सीटें जीत चुकी भाजपा इस बार भी पूरी सीटें जीतने के उद्देश्य से जातीय समीकरण साधने के मकसद से हनुमान बेनीवाल के साथ समझौता किया है इसका असर भाजपाइयों पर साफ नजर आ रहा है। दबे मन से ही सही कहने को मजबूर है कि बेनीवाल को जिताना ही हमारा लक्ष्य है। भाजपाइयों को गम इस बात का है कि इस बार ईवीएम में कमल का फूल नहीं होगा।

देखिए भाजपा के कार्यकर्ता क्या कह रहे हैं...



विधानसभा चुनाव में हार झेल चुकी भाजपा अब लोकसभा चुनाव में गठबंधन के साथ मैदान में उतर रही है। पिछली बार सभी 25 सीटें जीत चुकी भाजपा ने जातीय समीकरण साधने के मकसद से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलटीपी) से हाथ मिलाया है। आरएलटीपी अब एनडीए के घटक दल के तौर पर नागौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेगी। राजस्थान की राजनीति में यह गठबंधन बड़ा बदलाव लेकर आया है। इससे कई सीटों के समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं इससे जहां भाजपा कुछ स्थानों पर मजबूत हुई है तो कांग्रेस की चिन्ता भी बढ़ी है।

देखिए भाजपा के कार्यकर्ता क्या कह रहे हैं...


भाजपा के स्थानीय संगठन की बात करें तो इस समय असमंजस की स्थिति में आ गए हैं । हनुमान बेनीवाल  नागौर से चुनाव लड़ने का असर भाजपा के परंपरागत वोटों पर पड़ा है । जिन्होंने कभी भाजपा के अलावा  किसी पार्टी को वोट नहीं दिया है वह आज  दोराहे पर खड़े हैं। जानकार मानते हैं कि भाजपा ने समझौता तो कर लिया है लेकिन परंपरागत वोट उनको घटक दल हस्तांतरित करने में भारी दिक्कत आएगी।


देखिए भाजपा के कार्यकर्ता क्या कह रहे हैं...



 दूसरी ओर रालोपा व भाजपा के गठबंधन पर नागौर भाजपा जिला अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने जारी किये प्रेस बयान में कहा है कि कहीं खुशी का अवसर है बेनीवाल हमारी पार्टी की विचारधारा से ही जुड़े थे।
 भाजपा नागौर के जिला अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी व भाजपा के गठबंधन से  निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि केन्द्रिय चुनाव समिति के निर्णय को स्वीकार करते हुए हमारा लक्ष्य अब मिलकर हनुमान बेनीवाल को सर्वाधिक मतों से जिताकर लोकसभा में भेजना है। शर्मा ने जारी प्रेस बयानों में कहा कि हनुमान बेनीवाल 2008 में भाजपा से ही विधायक बने थे और अब उन्होंने राष्ट्रहित में भाजपा के साथ गठबंधन का निर्णय लिया है।




इस अवसर पर युवा मोर्चा के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण मुंडेल ने कहा कि हमारा लक्ष्य नरेंद्र मोदी को वापिस पीएम बनाना है और पार्टी के केंद्रीय नेतृव ने जो निर्णय लिया है उसको हमे मिलकर आगे बढ़ाना है और हनुमान बेनीवाल ने अलग से दल बनाकर चुनाव जरूर लड़ा मगर उनकी विचारधारा कभी कोंग्रेस की नही रही।

समझौते के समीकरणों की बात करें तो विधानसभा चुनाव में बाड़मेर की 7 और जैसलमेर की एक विधानसभा सीट आती है। इनमें से भाजपा सिर्फ एक सीट जीत सकी थी। जबकि चार सीट पर रालोपा ने अच्छे-खासे वोट हासिल कर भाजपा को हराने का काम किया था। यहां अक्सर जाट-राजपूत के बीच मुकाबला होता है। कांग्रेस ने मानवेन्द्र सिंह को टिकट दे दिया है। यदि अब भाजपा यहां से किसी जाट को उतारती है तो निश्चित तौर पर जाट उसकी तरफ जाएंगे और मुकाबला नजदीकी के साथ रोचक होगा। नागौर जिले की दस में से आठ सीट आती है। इनमें से कांग्रेस से 5, भाजपा से 2 और रालोपा से एक विधायक है। हनुमान बेनीवाल की खींवसर सीट भी इसमें ही आती है। विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन इस लोकसभा के विधानसभा क्षेत्रों में खासा लचर रहा था। यही वजह है कि भाजपा ने यह सीट बेनीवाल के लिए छोड़ दी है। बेनीवाल खुद पिछला लोकसभा चुनाव निर्दलीय लड़ चुके हैं, तब उन्हें करीब डेढ़ लाख से अधिक वोट मिले थे।
----प्रवीण चौहान----

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें