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गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

नागौर लोकसभा सीट का सस्पेंस खत्म, भाजपा ने आरएलपी के खाते में डाली सीट, हनुमान बेनीवाल होंगे नागौर से प्रत्याशी। नागौर सीट पर भाजपा ने फिर चौंकाया!

नागौर लोकसभा सीट का सस्पेंस खत्म, भाजपा ने आरएलपी के खाते में डाली सीट, हनुमान बेनीवाल होंगे नागौर से प्रत्याशी। नागौर सीट पर भाजपा ने फिर चौंकाया!


नागौर लोकसभा सीट के लिए सस्पेंस खत्म हो गया है। भाजपा ने राजस्थान में आरएलपी के साथ गठबंधन किया। आरएलपी एनडीए का राजस्थान में घटक दल होगा। नागौर सीट पर खींवसर विधायक व आरएलपी  संयोजक हनुमान बेनीवाल उम्मीदवार होंगे। बेनीवाल का कांग्रेस उम्मीदवार ज्योति मिर्धा से अब मुकाबला होगा। 




बेनीवाल पूरे राजस्थान में भाजपा के स्टार प्रचारक बनकर प्रचार करेंगे। नागौर सीट आरएलपी के खाते में जाने से नागौर वर्तमान सांसद  केंद्रीय राज्य मंत्री सी आर चौधरी के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। नागौर सीट आरएलपी  के खाते में जाने के बाद सीआर चौधरी का अब क्या रुख रहेगा यह भी क्लियर नहीं हो पाया है।




वैसे देखा जाए तो हनुमान बेनीवाल को राजनीति में उफान लाने वाला नेता माना जाता रहा है। कुछ दिन पूर्व कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की खबरें आई थी। इस गठबंधन के प्रति हनुमान बेनीवाल पूरी तरह आश्वस्त थे। लेकिन कांग्रेस ने एन वक्त पर हनुमान बेनीवाल को छिटकते हुए किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार कर दिया था। अकेले के बूते पर आरएलपी राजस्थान में चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं नजर आ रही थी।



 पिछले 3 दिनों से हनुमान बेनीवाल भाजपा नेताओं के साथ गठबंधन को लेकर वार्ता कर रहे थे। इसी के चलते भाजपा भी अपने पत्ते नहीं खोल रही थी। नागौर सीट के लिए हमेशा की तरह चौकाने वाले निर्णय देने की उम्मीद में लोगों में सस्पेंस बरकरार रहा। गुरुवार सवेरे भाजपा में आरएलपी ने समझौता करके एक बार फिर नागौर वासियों को चौंका दिया है।

वाह री राजनीति

कांग्रेस के साथ गठबंधन होने की प्रबल संभावना देखते हुए पिछले दिनों हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस के प्रति नरम रुख रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को प्रेस के सामने दिए अपने बयान में खूब खरी-खोटी सुनाई थी। आज भाजपा का पल्लू थामते ही सुर बिल्कुल चेंज हो चुके हैं। इसीलिए तो कहते हैं नेता जनता की कठपुतली नहीं होते,जनता ही नेता की कठपुतली होती है।

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