भाजपा प्रत्याशी का सस्पेंस बरकरार वहीं ज्योति भरेगी 4 अप्रैल से चुनावी हूंकार,,, जानिए भाजपा के पत्ते अब तक क्यों दबे पड़े हैं?
नागौर लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी का नाम घोषित हुए 1 सप्ताह बीत गया लेकिन भाजपा के पत्ते अब भी किसी कोने में छुपे हुए पड़े हैं। लोग इंतजार कर रहे हैं कि भाजपा किसको नागौर का प्रत्याशी बनाकर भेजेगी । दूसरी और कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति मिर्धा 4 अप्रैल से चुनावी रण में हूंकार भरने जा रही है।
नागौर का टिकट देने में भाजपा को क्या दिक्कत आ रही है अभी खुलकर कोई भी नेता बोलने को तैयार नहीं है। जानकारी मिल रही है कि वसुंधरा राजे ने पूर्व मंत्री यूनुस खान को टिकट दिलाने के लिए भरपुर प्रयासरत है। ऐसी हालत में नगर वासियों को बीजेपी के टिकट दावेदार का नाम जानने के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। कांग्रेस से छिटकने के बाद आरएलपी भी बीजेपी उम्मीदवार का इंतजार कर रही है। उम्मीदवार के आधार पर ही नागौर से अपना प्रत्याशी तय करेगी।
वैसे लंबी ड्रामेबाजी के बाद पूर्व सांसद डॉ ज्योति मिर्धा को उम्मीदवार घोषित कर दिया गया था। मगर भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक इस सीट को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इस कारण नागौर सीट को लेकर तस्वीर स्पष्ट नहीं हुई है। सभी की निगाहें अब भाजपा के उम्मीदवार पर टिकी हैं। यहां के 19 लाख से अधिक मतदाता अभी तक असमंजस की स्थिति में है। पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा को कांग्रेस ने इस सीट से तीसरी बार मौका दिया है।
वर्ष 2009 में ज्योति मिर्धा विजयी हुई थी और 2014 का लोकसभा चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले में वे हार गई थी। पिछले चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल को उनकी हार का कारण माना गया था। इस बार भी खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन नागौर सीट को अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के लिए छुड़वाने की कोशिश की थी। उनकी इस कोशिश को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने असफल कर दी। उन्होंने इस मामले में दखल देते हुए कांग्रेस आलाकमान पर दबाव बनाया और ऐनवक्त पर दिल्ली में कांग्रेस और बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के गठबंधन की कोशिशों को नाकाम कर ज्योति को टिकट दिलवाया।
ज्योति मिर्धा को टिकट नहीं देने के लिए जिले के कांग्रेसी विधायकों ने भी दिल्ली जाकर आलाकमान के समक्ष अपना विरोध दर्ज करवाया था। अगर देखा जाए तो ज्योति मिर्धा के लिए भाजपा के साथ साथ अपने विरोधियों को मनाना मुश्किल भरा होगा।
भाजपा प्रत्याशी की घोषणा में हो रही दिक्कत के कारण भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की भी सांस फूल रही है। इस सीट पर केंद्रीय मंत्री सीआर चौधरी व पूर्व काबीना मंत्री यूनुस खान अपनी दावेदारी जता रहे हैं। मकराना के विधायक रूपाराम मुरावतिया का नाम भी सामने आ रहा है। कई जानकार कांग्रेस के पूर्व मंत्री हरेंद्र मिर्धा का नाम भी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में देख रहे हैं। हरेंद्र मिर्धा को लेकर तरह तरह के कयास लगाएं जा रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सीआर चौधरी के विरोध में भी अनेक लोगों ने जयपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी व संगठन मंत्री चंद्रशेखर के सामने अपना विरोध दर्ज करवाया था। ऐसे में भाजपा में भी पेंच फंसा हुआ हैं। देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा किसको उम्मीदवार बना कर पेश करती है। सभी को यह नहीं बोलना चाहिए कि विधानसभा चुनाव में नागौर सीट के लिए ऐन वक्त पर नए चेहरे को टिकट देकर सबको चौंकाया था।
प्रवीण चौहान / नागौर



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