प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के लिए जा रहे हो तो सावधान! बिना डिप्लोमाधारी नर्सिंग स्टाफ ले सकता है आपकी जान!
नागौर 26 सितंबर । बिना डिग्री के नर्सिंग स्टाफ से चल रहे हैं जिले के अनेक निजी चिकित्सालय। ऐसे अनट्रेंड स्टाफ के द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य विज्ञान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसी के चलते डिप्लोमा धारी नर्सिंग कर्मियों में बेरोजगारी बढ़ रही है। जी हां यह बिल्कुल सही है इसी की शिकायत लेकर आज नर्सिंग छात्र संगठन भारत ने प्रदेश अध्यक्ष सागर जोशी के नेतृत्व में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सुकुमार कश्यप से शिकायत की है। अगर यह सही है तो सावधान हो जाइए निजी चिकित्सालय आपके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
नर्सिंग छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष प्रतीक पारीक ने बताया कि नर्सेज की विभिन्न समस्याओं को लेकर सीएमएचओ को ज्ञापन दिया गया है बिना डिप्लोमा धारी नर्सिंग स्टाफ के कारण बेरोजगार नर्सेज में रोष व्याप्त है। कठोर कानून बनाकर बिना डिग्री डिप्लोमा के स्टाफ वह निजी अस्पतालों के संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। जिला महासचिव मुकेश गांधी ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की सैलरी 3000 से ₹5000 मात्र है जो एक तरह से नर्सिंग कर्मियों का आर्थिक सर्वे का मानसिक शोषण है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार नर्सिंग करने का वेतन कम से कम ₹20000 प्रतिमा होना चाहिए।
नर्सिंग कर्मी की मांग पर सीएमएचओ सुकुमार कश्यप ने जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिलाया है।


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