देखिए कहां हो रहा है सास बहू में तकरार जिससे शहर का हो रहा है बंटाधार लेकिन जनता में मनोरंजन की बहार..
बाहुबलियों की रंजिश में नागौर के विकास की चढ़ रही है बलि?
जी हां नगर परिषद नागौर राजनीतिक अखाड़ा बन चुकी है। शह मात के इस खेल में नागौर शहर के विकास की बलि चढ़ रही है। एक बार फिर सास बीनणी के तकरार जैसा हो रहा है नागौर की जनता का मनोरंजन !
नगर परिषद की तथाकथित सास चाहती कि बीनणी उसका कहा माने। लेकिन क्या करें पिछले 3 साल से बीनणी काबू में नहीं आ रही है। बीनणी का चेहरा तो बदला है लेकिन चरित्र वैसा ही है। बीनणी पर भूमाफियाओं से सांठगांठ के भी आरोप लगे हैं।
ताजा मामला सफाई कर्मियों की भर्ती का है जिसमें नया मोड़ आया है जो 50 सफाई कर्मियों की भर्ती होनी थी उस पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। जो मिल रहा है उसको छोड़ कर 300 कर्मियों की भर्ती की मांग पर मामले को अधरझूल में लटकाया जा रहा है। यह सब स्वयं के वोट बैंक को खुश करने की जुगत मात्र नजर आती है।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें