बनना था प्रेरणास्रोत बन गए विलेन !
सलमान खान हो या छात्रसंघ अध्यक्ष प्रशंसकों को किया है निराश?
कांकाणी गांव में काले हिरण शिकार के मामले में एक तरफ कोर्ट ने सलमान खान को विलेन मानते हुए कहा कि लोग सलमान को फॉलो करते हैं फिर भी दो निर्दोष हिरणों का शिकार किया जो ठीक नहीं है. वहीं दूसरी तरफ नागौर के शिक्षा जगत की बात करें तो इस साल की परीक्षा के दौरान छात्रों के प्रेरणास्रोत खुद ही बड़े विलेन बन कर उभरे हैं। जी हां मैं बात कर रहा हूं एक वर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष व एक पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षा कि जो वर्तमान में चल रही MDS यूनिवर्सिटी की परीक्षा में नकल करते हुए पकड़े गए हैं। गत वर्ष बी आर मिर्धा कॉलेज केछात्र संघ चुनाव में एक चेहरा उभरा था। जिसको एक मिसाल कायम करते हुए छात्रों का प्रेरणा स्रोत बनना था । लेकिन एक नकल प्रकरण ने उसे छात्रों का विलेन ब्ना दिया है। छात्र उस को आदर्श मानते हुए फॉलो भी कर रहे थे। कुछ दिन पहले महिला कॉलेज की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष को भी नकल करते हुए वीक्षकों ने पकड़ा था।
यह तीनों प्रकरण एक तरह से उनके फॉलोवर्स के लिए बड़ा धक्का है। राजस्थान की शिक्षा प्रणाली की बात करें तो इन नकल प्रकरण से एक बात उभरकर आई है कि नकल से कोई भी अछूता नहीं रहा है। छात्रसंघ अध्यक्ष जैसे पदों पर बैठे और छात्र हितों के लिए लड़ने वाले खुद ही दोषी पाए जाए तो यह दोष किसका माना जाएगा। कॉलेज शिक्षा सत्र के दौरान या तो व्याख्याताओं ने पढ़ाई नहीं करवाई है या ज्यादातर छात्र नेतागिरी में ही पूरा सत्र गंवा देतें है। अगर ऐसा है तो छात्र संघ चुनाव करवाने या नहीं करवाने को लेकर फिर से मंथन होना चाहिए?


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