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गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018

जनप्रतिनिधियों के लिए राजनीति सिर्फ पैसा कमाने का जरिया

जनप्रतिनिधियों के लिए राजनीति सिर्फ पैसा कमाने का जरिया

  
नागौर 8 फरवरी ।  बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक  नागौर  जिले के दौरे पर रहे । इस दौरान वे जिले  के मारवाड़ मूंडवा पहुंचे और वहां के वीर तेजा महिला शिक्षा एंव शोध संस्थान के वार्षिक कार्यक्रम में भाग लिया। 
         महिला शिक्षा और शोध  के अलावा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मशहूर  मारवाड़ मूंडवा के वीर तेजा शिक्षा एंव शोध संस्थान के राज्यपाल सत्यपाल मालिक ,छात्राओ से खुलकर बोले और कहा कि आज के दौर में।अपने स्वाभिमान के साथ जिये और अपनी लड़ाई खुद लाडे ,सफलता यकीनन मिलेगी इसके लिए उन्होंने द्रोपदी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने  महिलाओं से भी आह्वान किया कि महिलाएं अपने वजूद तथा स्वाभिमान के लिए द्रोपती की तरह  ताकत से लड़े।कार्यक्रम में महाराजा सूरजमल जाट संस्थान के प्रदेशाध्यक्ष ज्ञानाराम रणवां के साथ और भी कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे । इस दौरान संस्थान में शिक्षा और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया     उन्होंने नागौरी नस्ल के बैलो की जमकर तारीफ की  और कहां की नागौर के पशुपालको की ईमानदारी चारो और प्रसिद्ध है  लेकिन आज गलत वित्तीय नीतियों के कारण नागौरी बैलों का  अस्तित्व गर्त में जा रहा है।  वही आज के दौर में राजीनीति में बढ़ते भ्र्ष्टाचार और अपराधीकरण के बारे में भी अपनी बेबाक राय सबके सामने रखी । राज्यपाल सत्यपाल मालिक ने कहा कि वे उस राज्य के राज्यपाल है जहां के दो पूर्वमुख्यमंत्रियों को जेल जाना पड़ा लेकिन फिर भी वर्तमान समय मे लोग राजनीति में देशसेवा या जनसेवा करने के लिए नही बल्कि पैसा कमाने के लिए आते है ........ जिसके नतीजा ये होता है कि  इससे देश की राजनीति खराब हो रही है। उन्होंने आह्वान किया कि युवाओं व अच्छे नागरिक को राजनीति में आना चाहिए। बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मालिक ने अपने संबोधन में शिक्षा की ताकत को वर्तमान में सबसे बड़ी ताकत बताते हुए  देश मे शिक्षा के स्तर पर जनप्रतिनिधियो के इस और गंभीरता ने ध्यान ना दिए जाने पर रोष जताया । उन्होंने कहा कि देश की संसद में भी कभी शिक्षा पर आधारित चर्चा गंभीरतापूर्वक कभी नही हुई ।उन्होंने कहा कि उन्होंने बिहार में ये आदेश जारी कर दिया है कि बिहार में नाते कॉलेज की मान्यता तभी मिलेगी जब कॉलेज में कॉमन रूम और कॉमन बाथरूम स्थापित  नही होंगे

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