गाय को मनरेगा योजना से जोड़ने से युवा फिर से बन जाएगा बलवान! जलवायु परिवर्तन सेमिनार में पद्मश्री भांभू ने सरकार को दिया सुझाव..
नागौर .. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित हुए जलवायु परिवर्तन सम्मेलन से पद्मश्री हिम्मताराम भांभु ने नागौर पहुंचकर पत्रकारों के समक्ष अपने अनुभव साझा किए। सम्मेलन पर उन्होंने बताया कि वर्तमान में हो रहे जलवायु परिवर्तन पर देश विदेश से आए पर्यावरणविद सभी वक्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए इसको बचाए रखने के उपाय बताएं।
अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र.. गुरुदेव सियाग सिद्ध योग जिससे होता है ऑटोमेटिक योग.. प्रत्यक्ष को प्रमाण क्या खुद अनुभव करें..वैज्ञानिकों ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में प्रतिवर्ष 17 लाख लोगों की स्वांश संबंधित बीमारियों के कारण मृत्यु होती है। जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न विभिन्न बीमारियों से 5 लाख बच्चे भी मौत के मुंह में समा जाते हैं। पद्मश्री भांभु ने बताया कि सम्मेलन में उन्होंने संबोधित करते हुए राजस्थान के जलवायु पर अपने विचार व्यक्त किए। अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान के जलवायु परिवर्तन अच्छा होने की बात बताई। पर्यावरण बचाने के लिए राजस्थान के लोगों के योगदान के बारे में भी उल्लेख किया।
Saswani Computer. कुम्हारी दरवाजा नागौर. मनीष सुराणा. 9828540216
उन्होंने बताया कि नागौर जिले में जन्मे जांभोजी महाराज ने लोगों को जीव और पेड़ों को बचाने का संदेश दिया था। पेड़ बचाने के बदले सिर कटाने को सस्ता बताकर प्रेरित किया था। इसी प्रकार तेजाजी महाराज का भी जीव प्रेम बताकर नागौर की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि हमें धरती बचाने हैं ऑक्सीजन जाने वाली है। मानव जीवन आने वाले समय में मुश्किल होगा पेड़ काट काटकर कंकर के पेड़ खड़े कर दिए धरती का सीना चीर कर पानी को खींच लिया पेड़ काटकर नंगा कर डाला है।
भांभु ने सुझाव दिया कि प्रतिवर्ष मनरेगा में अरबों रुपए खर्च होते हैं। इसी में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देने वाली गाय को पालने का बजट कर देना चाहिए। प्रत्येक घर में गाय का राशन कार्ड बनाकर अनुदान देना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी बलवान बने। गलत खान-पान के कारण आज का युवा कमजोर होता जा रहा है। प्रत्येक घर में गाय होगी तो उसका दूध दही घी खाकर युवा बलवान बनेगा। साथ ही गाय का गोबर और गोमूत्र औषधीय रूप में काम आएंगे।


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