राजस्थान में रिट परीक्षा में नकल के लिए 25 परीक्षार्थियों ने खरीदी 6-6 लाख रुपए की चप्पल! जानिए ₹6 लाख की चप्पल में आखिर क्या विशेषता है?
नागौर। प्रदेश में रीट परीक्षा में तमाम इंतजाम के बावजूद नकल गिरोह सक्रिय रहा। कहीं ब्लू टूथ डिवाइस के माध्यम से नकल की कोशिश कराई गई तो कहीं डमी परीक्षार्थी भी बैठाए गए। इन सबके बीच सबसे ज्यादा चर्चा में 6 लाख में बेची ब्लूटूथ डिवाइस लगी चप्पल रही। पुलिस की माने तो इस चप्पल को 25 अभ्यर्थियों ने खरीदा है। इस डिवाइस का खुलासा अजमेर जिले के किशनगढ़ के एक परीक्षा सेंटर से हुआ है। ब्लूटूथ डिवाइस लगी चप्पल से नकल करते हुए एक परीक्षार्थी के पकड़े जाने से मामला खुल गया।
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जानकारी अनुसार राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा 2021 (रीट) में सख्ती के बावजूद परीक्षार्थी नकल की जुगत लगाने से बाज नहीं आए। बीकानेर जिला पुलिस स्पेशल टीम एवं गंगाशहर थाना पुलिस की सजगता से परीक्षा शुरू होने से पहले ही पांच अभ्यर्थियों को दबोच लिया गया। इतना ही नहीं गंगाशहर पुलिस की सूचना पर बीकानेर की जेएनवीसी थाना पुलिस, अजमेर के किशनगढ़ एवं सीकर के नीमकाथाना में एक-एक अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधीक्षक प्रीतिचन्द्रा ने बताया कि राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा में नकल को रोकने के लिए पुलिस नकल गिरोह पर नजर रखे हुए थे। इसी बीच मुखबीर से नकल गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिली। जिला पुलिस स्पेशल टीम एवं गंगाशहर पुलिस को सर्तक किया। गंगाशहर व डीएसटी ने नोखा रोड़ स्थित नया बस स्टैंड से एक महिला समेत पांच लोगों को दबोचा, जिनके पास से नकल कराने वाली सामग्री जब्त की गई।
राजलदेसर के जगेणिया निवासी मदनलाल पुत्र भीखाराम जाट, गोपाल कृष्ण पुत्र रामलाल जाट, चूरू, राजलेदसर के रामपुरा निवासी ओमप्रकाश पुत्र बेगाराम जाट, नोखा के भादला निवासी त्रिलोकचंद पुत्र भंवरलाल जाट एवं चूरू के रतनगढ़ निवासी किरण कुमारी पत्नी नरेन्द्र कुमार को पकड़ा गया। इनके पास से मोबाइल, ब्लूटूथ, माइक्रो ईयरफोन, मोबाइल चिप आदि जब्त किए गए।
नकल गिरोह का मास्टर माइंड सुजानगढ़ हाल पवनपुरी निवासी तुलसराम कालेर है जो पहले भी नकल प्रकरण में पकड़ा जा चुका है। यह पूर्व में चाणक्य इंस्टीट्यूट चलाता था। तुलसराम का मदनलाल जाट खास व्यक्ति हैं। तुलसाराम ने एक पारी पेपर के अभ्यर्थियों से पांच से सात लाख रुपए के बीच में सौदा तय किया था। आरोपी तुलसाराम फरार है, जिसकी धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
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पुलिस अधीक्षक चन्द्रा के मुताबिक नकल माफिया तुलसाराम ने प्रदेशभर में 25 से अधिक लोगों को विशेष डिवाइस लगी चप्पलें उपलब्ध कराई थी। पुलिस अब तक प्रदेशभर से आठ अभ्यर्थियों को पकड़ चुकी हैं। शेष अभ्यर्थियों की पहचान करने में लगी है। आरोपी तुलसाराम ने एक अभ्यर्थी से सात लाख रुपए में सौदा किया था। एडवांस के तौर पर चेक व स्टांप पेपर लिया था।
गंगाशहर सीआइ राणीदान उज्ज्वल ने बताया कि तुलसाराम ने नकल कराने की जिम्मेदारी उठा रही थी। उसने अभ्यर्थियों को ब्लूट्रूथ डिवाइस लगी विशेष चप्पल अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई थी। ब्लूटूथ में एक चिप लगी हुई थी जो अभ्यर्थी के कान में लगे माइक्रो ईयरफोन से कनेक्ट था। ब्लूट्रूथ डिवाइस में एक चिप लगी थी, जिसे मोबाइल की सिम से कनेक्ट किया गया। परीक्षा केन्द्र में जाने से पहले तुलसाराम ने मोबाइल फोन से ब्लूटूथ को कनेक्ट कर लिया। बाद में वह प्रश्न-पत्र में से प्रश्नों का हल करके मोबाइल के माध्यम से अभ्यर्थियों को बताता।
जेएनवीसी सीआई अरविन्द्र भारद्वाज ने बताया कि गंगाशहर पुलिस के अलर्ट के बाद थाना पुलिस सजग हो गई। पुलिस ने परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों के पहनावे पर नजर रखनी शुरू कर दी। इसी बीच सेंट पॉल स्कूल में एक अभ्यर्थी जो चप्पल पहन कर आया था। पुलिस ने उस चप्पल पर निगरानी रखनी शुरू कर दी।
प्रथम पारी का पेपर देकर जब श्रीडूंगरगढ़ के नया कल्याणसर निवासी सुरजाराम (30) पुत्र पूर्णाराम जाट आया और उसने चप्पल पहनी तब उसे दबोच लिया गया। उसे पकड़ कर थाने ले आए, जिससे पूछताछ की जा रही है। इसी प्रकार अजमेर के किशनगढ़ में आचार्य धर्म सागर स्कूल में हाईटेक डिवाइस से नकल करते गणेशाराम ढाका एवं सीकर के नीमकाथाना के गंगाबाल निकेतन स्कूल में बीकानेर निवासी अभ्यर्थी उदाराम को नकल करते पकड़ा।
एएसपी सिटी शैलेन्द्र सिंह इंदौलिया के नेतृत्व में सीओ सदर पवनकुमार भदौरिया, डीएसटी प्रभारी सुभाष बिजारणिया, गंगाशर सीआइ राणीदान उज्ज्वल, बीछवाल सीआइ मनोज शर्मा, एसआई जयसिंह, एएसआई रामकरणसिंह, हैडकांस्टेबल कानदान सांदू, अब्दुल सत्तार, साइबर सेल के दीपक यादव, कांस्टेबल वासुदेव, सवाईसिंह व साइबर सेल का कांस्टेबल दिलीप सिंह आदि शामिल थे।











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