विदिशा में मौत का कुआं. पहले बच्चा गिरा फिर 40 से 50 व्यक्ति और बचाव को आया ट्रैक्टर भी कुएं में समाया. जानिए.. कितनी जाने गई और कितनी लड़ रही है जिंदगी की जंग..
विदिशा जिले में गुरुवार रात दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एक कुआं अचानक मौत का कुआं बन गया। जिसमें अब तक चार जान ले ली है और 15 घायल हुए हैं, जिनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव और राहत दल अब भी पीड़ितों का रेस्क्यू करने में लगे हुए हैं। हुआ यूं कि लाल पठार में एक कुएं में एक बच्चा गिर गया। उसे बचाने जब लोग पहुंचे तो पूरा कुआं ही धंस गया। कुएं के आसपास भारी भीड़ थी, जिसकी वजह से करीब 40 लोग उसमें गिर गए।
Ad.कुआं धसने की इस घटना में अभी तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। 20 लोगों को बचा लिया गया है. जबकि, 15-20 लोगों के अभी भी फंसे होने की आशंका है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारजनों को 5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। घायलों को मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी। हादसा होते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। एनडीआरएफ की टीम अब तक राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई है
अनदेखी और लापरवाही का नतीजा है यह हादसा..
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गुरुवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद सामने आया है कि स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार ग्राम पंचायत में की थी मगर लगातार अनदेखी की गई। धसकने वाले कुएं के पास रहने वाली महिला अनीता ने बताया कि ये कुआं इससे पहले भी दो बार धसक चुका है। इसके धसकने की शिकायत सरपंच से भी कई बार की गई। सरपंच को तस्वीरों के साथ सबूत दिए जा चुके हैं। महिला ने बताया कि सरपंच से पहले जून और फिर जुलाई में रहवासियों ने शिकायत की थी। इन शिकायतों को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। अधिकारी सही समय पर जाग जाते तो बड़ा हादसा नहीं होता।
फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
शव के निकालने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने एम्बुलेंस को रोकने की कोशिश की। महिलाएं भी गुस्से में शवों को दिखाने की मांग कर रही हैं। हादसा होते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। एक अधिकारी ने बताया कि इस हादसे में कई लोगों की मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है।



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