“सो जा बेटा गब्बर आ जाएगा” की तर्ज़ पर क्या कांग्रेस अपने ही विधायकों को फोन टैपिंग के हव्वे से डरा रही है? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का ट्वीट कुछ इस ओर ही इशारा कर रहा है!
प्रदेश में एक बार फिर फोन टेपिंग को लेकर शिकायतों का दौर शुरू हो गया है। शनिवार को कई विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को फोन टैपिंग संबंधित शिकायत दर्ज कराई है। विधायकों द्वारा फोन टैपिंग होने की आशंका जाहिर करने से एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में गर्माहट आ गई है। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की ओर से एक बार फिर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ट्वीट कर पूरे प्रसंग पर एक बार फिर चुटकी ली है।
पुनिया ने ट्वीट में लिखा- कई विधायक कहते हैं कि उनके फोन टेप हो रहे हैं, जासूसी किए जाने की भी बातें आ रही हैं।
आज फिर से कांग्रेस के एक विधायक कह रहे हैं कि “कई विधायक कहते हैं कि उनके फ़ोन टेप हो रहे हैं,जासूसी हो रही है” कांग्रेस बताए कि ये विधायक कौन हैं?
“सो जा बेटा गब्बर आ जाएगा” की तर्ज़ पर कांग्रेस अपने ही विधायकों को डरा रही है। कांग्रेस बताए गब्बर कब आएगा?
गौरतलब है कि प्रदेश की गहलोत सरकार की ओर से फोन टैपिंग का मामला गत वर्ष काफी उछला था। बीजेपी इस पर आक्रामक रूख बनाया था। राजस्थान विधानसभा में भी इस फोन टैपिंग के मामले में वबाल मचा था। बीजेपी की ओर से विधायक राजेंद्र राठौड़ और कालीचरण सराफ ने फोन टैपिंग का स्थगन प्रस्ताव लगाया था। इसे मामले को लेकर सदन में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सदन में आवाज उठाई।
उन्होंने स्पीकर से रूबरू होते हुए कहा कि फोन टैपिंग का मामला इसलिए गंभीर है, क्योंकि मुख्य सचेतक ने इसी मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी। एक बार फिर विधायकों द्वारा यही आशंका दौरा या जाने से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौरे पर फिर गति पकड़ेगा। सूत्र मान रहे हैं कि फोन टैपिंग मामले को लेकर बड़े स्तर पर राजनीतिक उथल-पुथल मचेगी।


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