जिले में अब तक 3 लाख 16 हजार 697 बच्चों की हैल्थ स्क्रीनिंग, 3855 कुपोषित बच्चे मिले. कुपोषित बच्चों को बांटे जा रहे लाडेसर पोषक किट..
नागौर। जिला कलक्टर डॉ जितेंद्र कुमार सोनी की अभिनव पहल अभियान लाडेसर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। अभियान के तहत अब तक 3 लाख 16 हजार 697 बच्चों की हैल्थ स्क्रीनिंग की जाकर 3855 कुपेाषित बच्चे चिन्हित किए गए हैं।
अभियान के तहत चिन्हित किए गए कुपोषित बच्चों को जहां लाडेसर पोषक किट वितरित किए जा रहे हैं। वहीं अतिकुपोषित बच्चों को उनके निकटवर्ती क्षेत्र के राजकीय चिकित्सा संस्थान में स्थित एमटीसी वार्ड में उपचार के लिए रैफर किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक की गई हैल्थ स्क्रीनिंग में 142 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए हैं।
अभियान के जिला नोडल अधिकारी दुर्गा सिंह उदावत ने बताया कि अभियान लाडेसर के तहत के तहत शुक्रवार, 11 जून को 3 हजार 267 बच्चों की हैल्थ स्क्रीनिंग की गई, जिसमें से 14 बच्चे कुपोषित व तीन बच्चे अति कुपोषित पाए गए. उसी प्रकार शुक्रवार को जिले में अभियान के तहत 416 बालिकाओं का एनीमिया टेस्ट किया गया जिसमें से 40 बालिकाएं अल्परक्ता वाली चिन्हित की गई.
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरपुरा विद्यालय के प्रांगण में अभियान लाडेसर के तहत कुपोषित बच्चों व किशोरी बालिकाओं को लाडेसर पोषण किट प्रदान किए गए । संत शिरोमणि श्रीलिखमीदासजी महाराज स्मारक विकास संस्थान , अमरपुरा (नागौर ) के तत्वावधान में यह किट संस्थान कोषाध्यक्ष कमल भाटी के अर्थ सहयोग से प्रदान किए गए । यह कार्यक्रम संस्थान के पूर्व कोषाध्यक्ष बहादुर सिंह भाटी , कार्यकारिणी सदस्य धर्मेंद्र सोलंकी , नथमल मिस्त्री व पार्षद मनीष कच्छावा , सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी हेमन्त छीपा तथा आंगनबाड़ी सुपरवाइजर दीपिका सोनी की उपस्थिति में संपन्न हुआ । इस अवसर पर पीईईओ शिवराज सिंह , बालकिशन भाटी , शिक्षक बलवीर सिंह देवड़ा , ग्राम विकास अधिकारी हरिकिशन भाटी , आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बिदामी देवी भी उपस्थित थे ।
नागौर जिला कलेक्टर डॉ जितेंद्र कुमार सोनी की अभिनव पहल अभियान लाडेसर में भामाशाह लगातार सहयोग के निमित्त आगे आ रहे हैं । कुपोषित बच्चों को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में चिह्नित करने में जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी जी जान से जुटी है वहीं उन्हें लाडेसर पोषण किट प्रदान करवाने में भामाशाह व स्वयंसेवी संगठन भी लगातार आगे आ रहे हैं । जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आईसीडीएस , शिक्षा विभाग व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संबंधित कार्यक्रम में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से चिह्नित किया जा रहा है वहीं इससे अधिक उम्र के एनीमिया से पीड़ित बच्चों व किशोरी बालिकाओं को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सर्वे के माध्यम से चिह्नित करके फोलिक एसिड , आयरन व विटामिंस की टेबलेट प्रदान की जा रही है ।
इस अवसर पर एमयूएसी टेप , वेट मशीन के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों व किशोरी बालिकाओं के बाजू , ऊंचाई , वजन की जानकारी ली गई तथा हिमोग्लोबिन की जांच करके कुपोषित बच्चों को चिह्नित भी किया गया ।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर दीपिका सोनी ने मातृशक्ति को पोषित बालकों के शारीरिक लक्षणों के बारे में भी जानकारी दी । उन्होंने बताया कि लाडेसर किट में चार प्रकार की दालें , चावल , मूंगफली , भुने हुए चने और सोयाबीन का तेल शामिल है । उन्होंने बताया कि लाडेसर किट के माध्यम से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर के रोगों को दूर भगाने की क्षमता बनाई जा रही है । इसलिए इस किट का प्रयोग केवल कुपोषित बालकों के लिए ही किया जाना चाहिए । उन्होंने सभी किशोरी बालिकाओं को फोलिक एसिड , आयरन व विटामिंस टेबलेट नियमित रूप से लेने का भी आग्रह किया ।
पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी शिवराज सिंह ने बताया कि अमरपुरा ग्राम पंचायत के अमरपुरा , गुड़ला , फागली व बांसड़ा गांव के 1028 परिवारों से संपर्क किया गया जिसमें 0 से 5 वर्ष के 562 बालकों की स्क्रीनिंग की गई.
6 से 15 वर्ष के 1035 बालकों की स्क्रीनिंग करके अट्ठारह कुपोषित व दो अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया। उन्होंने बताया कि बालकों की आंख का सफेद हिस्सा का अंदर लालिमा दिखाई नहीं देना, नाखून को दबाने पर लाल के स्थान पर सफेद दिखना तथा जीभ का लाल के स्थान पर सफेद दिखना ही शरीर में खून की कमी का सामान्य लक्षण है । इन सभी 20 बच्चों को स्मारक संस्थान अमरपुरा नागौर की ओर से लाडेसर पोषण किट दिए गए तथा रक्ताल्पता वाली किशोरी बालिकाओं को फोलिक एसिड , आयरन व विटामिंस की टैबलेट भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा अनेक किशोरी बालिकाओं के हिमोग्लोबिन की जांच भी की गई ।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें