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सोमवार, 24 मई 2021

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए नागौर जिले में चलाया जाएगा अभियान “लाडेसर“ जानिए क्या है जिला प्रशासन की योजना?

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए नागौर जिले में चलाया जाएगा अभियान “लाडेसर“ जानिए क्या है जिला प्रशासन की योजना?



नागौर। वैश्विक महामारी कोविड-19 की दूसरी लहर से उत्पन्न विषम परिस्थितियों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा इसकी संभावित तीसरी लहर की चेतावनी के मद्देनजर जिला कलक्टर डॉ जितेंद्र कुमार सोनी ने जिले के नौनिहालों की सुरक्षा व्यवस्था माकूल करने के लिए कमर कस ली है। इसके लिए उन्होंने आईसीडीएस व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षा विभाग को व्यापक दिशा निर्देश जारी करते हुए अभियान “लाडेसर“ चलाने का निर्णय लिया है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार कुपोषित बच्चों एवं एनीमिया से ग्रस्त किशोरी बालिकाओं में किसी भी बीमारी से संक्रमित होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए डॉ सोनी ने यह अभियान चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत जीरो से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच करने हेतु डोर टू डोर सर्वे करवाया जाएगा। इसके लिए बुधवार को जिला कलक्टर की अध्यक्षता में आईसीडीएस व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षा विभाग के रूट लेवल तक के कार्मिकों को वेबैक्स के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए व्यापक दिशा निर्देश दिए जाएंगे।



इसके साथ ही कुपोषित पाए जाने वाले बच्चों एवं एनीमिया ग्रस्त किशोरी बालिकाओं के लिए विशेष किट बनाकर वितरित किए जाएंगे। इसके लिए उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ शीशराम चैधरी को दायित्व सौंपा गया है। इस समूचे अभियान को संचालित करने के लिए डॉ सोनी के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग उपनिदेशक सिकरामराम चोयल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मेहराम महिया तथा जिला शिक्षा अधिकारी संपतराम के संयुक्त हस्ताक्षर से समस्त सीडीपीओ एवं बीसीएमओ के नाम आदेश जारी किया गया है।


कोविड-19 संक्रमित बच्चों के लिए अलग से की जाएगी व्यवस्था


अभियान “लाडेसर“ की दूसरी कड़ी में कोविड-19 से संक्रमित होने की स्थिति में जिले के नौनिहालों को किसी प्रकार की असुविधा अथवा स्वास्थ्य सेवाओं की कमी नहीं आने देने के लिहाज से जिला कलक्टर डॉ जितेंद्र कुमार सोनी ने निर्देश जारी कर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को पाबंद किया है कि जिले के समस्त उपखंड चिकित्सालय में 5 शिशु कोविड बेड आरक्षित रखें जाएं एवं जिले की ऐसी सीएचसी जिन्हें कोविड केयर सेंटर घोषित किया है। उन पर एक शिशु कोविड बेड आरक्षित किया जाएं। उपखंड चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छोटे बच्चों के लिए पर्याप्त मात्रा में मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएं। वर्तमान में जिला मुख्यालय पर जेएलएन राजकीय चिकित्सालय में शिशु कोविड वार्ड का संचालन किया जा रहा है, यहां पर भी बच्चों के लिए अतिरिक्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने हेतु डॉक्टर सोनी ने दिशा निर्देश जारी किए है।



यह सर्वे कार्य पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी पीईईओ की अध्यक्षता में संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, एएनएम एवं स्कूल के शिक्षक रहेंगे। इस सर्वे से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट प्रतिदिन महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक को भेजी जाएगी, जहां से संकलित करके उपनिदेशक द्वारा जिला कलक्टर को प्रस्तुत की जाएगी।

चूंकि कुपोषित बच्चे एवं एनीमिया ग्रस्त किशोरी बालिकाएं किसी भी बीमारी के प्रति काफी संवेदनशील होती है और उनमें संक्रमण का खतरा सामान्य बच्चों की तुलना में ज्यादा रहता है। अतः उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लाडेसर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत, ना केवल कुपोषित बच्चों एवं एनीमिया ग्रस्त बालिकाओं की पहचान की जाएगी, बल्कि किसी भी बालक बालिका के कोरोना से संक्रमित होने की स्थिति में उसकी विशेष देखभाल एवं सुरक्षा के लिए भी अतिरिक्त प्रावधान किए जा रहे हैं।

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