सरपंच पति ने ग्राम पंचायत कार्यालय में बैठकर कार्मिकों को धमकाया, पलाडा सरपंच लीना कंवर निलंबित, सरपंच प्रतिनिधियों को इससे मिलेगा सबक?
नागौर। (प्राइमो पोस्ट, रिपोर्टर)ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग ने नागौर जिले की कुचामन सिटी पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत पलाड़ा की सरपंच लीना कंवर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि उनके पति ने उनकी जगह भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र जोकि ग्राम पंचायत का कार्यालय है में बैठकर आपदा कार्यों में हस्तक्षेप किया। कार्मिकों पर कार्रवाई करते हुए धमकाया और बाहर भेज दिया।
जांच के बाद पंचायत राज के विशिष्ट शासन सचिव व निदेशक ने शुक्रवार देर रात को आदेश जारी किए हैं। सरपंच का यह निलंबन पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 38 (4)की पालना में प्रारंभिक रूप से दोषी पाए जाने पर किया गया है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने आदेश में बताया कि राजीव गांधी सेवा केंद्र जो की ग्राम पंचायत कार्यालय है, उसमें सरपंच पति ने अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर सरपंच की सीट पर बैठकर राज कार्य कर रहे कार्मिकों को प्रभावित किया एवं उन्हें धमकाते हुए भयभीत करते हुए उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया।
श्रीमती लीना कंवर सरपंच ग्राम पंचायत पलाड़ा कार्यालय अध्यक्ष होते हुए उक्त कार्य पर कोई कार्यवाही नहीं करने के लिए दोषी है। विकास अधिकारी पंचायत समिति कुचामन के आदेश पर गठित कमेटी से प्रकरण की जांच करवाई गई जांच रिपोर्ट में उक्त सरपंच के विरुद्ध आरोप प्रमाणित पाए गए हैं।
निलंबन देगा कई सरपंच पतियों और प्रतिनिधियों को सबक -:
अक्सर देखा जाता है कि महिला सरपंच या जनप्रतिनिधि का काम उके प्रतिनिधि या पति करते हैं। सरपंच पति के हस्तक्षेप के कारण सरपंच लीना कंवर का निलंबन हुआ है। ऐसे में समस्त सरपंच प्रतिनिधियों को सावधान हो जाने की आवश्यकता है। जिस महिला को सरपंचाई मिली है, उन्हें काम करने दें। वह काम नहीं करेंगी तो महिला सशक्तिकरण का क्या औचित्य है?


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