किन्नर करेंगे आज शहीदों को नमन और होगी देश में खुशहाली की दुआ
हजारों किन्नर हुए इकट्ठा, आगामी एक पखवाड़े तक रहेंगे नागौर,,
शहर में अखिल भारतीय मंगलामुखी किन्नर सम्मेलन शुक्रवार से खिचड़ी की रस्म के साथ शुरू हुआ। यह सम्मेलन आगामी 14 अप्रैल तक चलेगा। सम्मेलन में भाग लेने के लिए करीब ढाई हजार किन्नर पहुंचे।आगामी दिनों में ढाई हजार से ज्यादा और किन्नर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचेंगे। सम्मेलन के जरिए किन्नर समाज देश में अमन शांति के लिए दुआ करेंगे। शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम रखकर पुलवामा में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि के लिए विशेष कार्यक्रम रखा जाएगा। शहीदों के परिजनों के लिए दुआ की जाएगी।
नागौर की गद्दी नशीन रागिनी बाई की ओर से डीडवाना रोड स्थित माली समाज भवन में कराए जा रहे इस अखिल भारतीय सम्मेलन में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के साथ सम्मेलन की शुरुआत की गई है। माली समाज के भवन के प्रांगण में विशाल डॉम पंडाल बनाए गए हैं। इन पंडालों में आम आदमी की नो एंट्री रखी गई है। करीब 17 दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में रोजाना विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आने वाले दिनों में शहरवासी किन्नरों के विभिन्न कार्यक्रमों से रूबरू होंगे जिनमें कलश यात्रा भी प्रमुख है। यात्रा में हजारों की संख्या में किन्नर शहर की सड़कों पर उतरेंगे।
पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए नागौर किन्नर गद्दी नशीन रागिनी बाई ने बताया कि किन्नर महासम्मेलन का उद्देश्य देश में अमन शांति रहे इसके लिए दुआ करना है। सम्मेलन के जरिए लड़कियों को शिक्षा के लिए आगे लाने का काम किया जाएगा। किन्नर समाज में आने वाली बालिकाओं के पालन पोषण के साथ उसकी उचित शिक्षा की व्यवस्था समाज द्वारा की जाती है।
देश मे थर्ड जेंडर के साथ असमानता और किन्नरों को पेश आ रही समस्याओं के बारे में बताया । किन्नरों ने कहा कि समाज में भेदभाव की परेशानी को देखते हूए इस बार किन्नर जोर शोर से लोकसभा चुनावो मे वोटिग के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए वोट कास्ट करके अपने भारतीय नागरिक होने का सबूत पेश करेंगे और समाज को एक सन्देश देंगे कि वे भी इसी देश के निवासी है उन्हें समाज तिरस्कार की नजरों से ना देखे ।
इस मौके पर अजमेर गद्दी नशीन स्नेहा बाई नए किन्नर की भर्ती के सवाल पर बताया कि आजकल जमाना बदल चुका है सब एजुकेटेड हो रहे हैं किसी के यहां से किन्नर होने के बारे में सूचना मिलती है तो उनसे संपर्क करते हैं लेकिन कोई दबाव देख कर नहीं कहा जाता कि वह उनके समाज में शामिल हो। किन्नर के माता पिता जो भी फैसला लेते हैं उसके लिए वे पूर्णतया स्वतंत्र है। उन्होंने किन्नरों की महापंचायत के निर्णयों के संबंध में बताया कि इस तरह के प्रोग्राम में देश भर की इंजनों की हवेली वाले आते हैं समाज में क्या करना चाहिए क्या नहीं करना होता है इसका निर्णय पंचायत बैठे बड़े बुजुर्ग किन्नर लेती है।


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