सरकार को चुना लगाने में अब श्रमिक भी पीछे नहीं रहे.
एक से ज्यादा जगह पर रजिस्ट्रेशन कराकर फर्जी तरीके से भुगतान उठाने का आया मामला सामने.
श्रम विभाग द्वारा चलाई जा रही सिलिकोसिस सहायता योजना में एक श्रमिक द्वारा फर्जी आवेदन किए जाने की जानकारी मिली है। श्रम विभाग के सहायक श्रम आयुक्त राकेश चौधरी ने बताया कि गत 26 मार्च को पंजीकृत श्रमिक के सिलिकोसिस सहायता योजना के आदेवन की जाँच करने पर एक श्रमिक के फर्जी आवेदन किए जाने की जानकारी सामने आई।
उन्होंने बताया कि कालूराम पुत्र किशोरराम निवासी नागौर ने श्रम विभाग में इस योजना में सहायता के लिए जून 2018 को आवेदन किया था। जो आवेदन की राशि नहीं मिलने पर श्रमिक ने कई बार जिला कलेक्टर से शिकायत भी की थी। श्रमिक ने यह भी बताया कि उसने आज तक किसी भी विभाग से सिलिकोसिस योजना के पहले कभी कोई भी आवेदन नहीं लगाया हैं और ना ही कोई राशि ली हैं।
पहली बार श्रम विभाग में आवेदन किया हैं। इस पर आवेदन की जाँच की गई तो पता चला कि श्रमिक कालूराम ने खनिज विभाग, राजकोष अधिकारी नागौर से सम्पूर्ण दस्तावेज जांच की तो श्रमिक ने खनिज विभाग से 13 सितम्बर 2017 को ही सिलिकोसिस योजना के एक लाख रुपए उठा लिए थे। श्रमिक कालूराम ने एक सिलिकोसिस पीड़ित प्रमाण पत्र सन 2016 में जोधपुर से बना हुआ मिला और दूसरा सिलिकोसिस प्रमाण पत्र सन 2018 में नागौर से लिया था ।
यानि एक व्यक्ति ने दो जगह से जोधपुर और नागौर से अलग अलग सिलिकोसिस पीड़ित प्रमाण पत्र बना कर एक आवेदन तो खनिज विभाग से लगा दिया और दूसरा आवेदन श्रम विभाग में लगा दिया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद आरोपी श्रमिक के खिलाफ अब श्रम विभाग द्वारा कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।


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