नागौर शहर में अब मजनुओं की आएगी शामत
नागौर शहर में भी अब मजनूंओं की खेर नहीं, स्कूली छात्राओं में महिलाओं के साथ छेड़खानी या बदसलूकी करना आवारा किस्म के लड़कों को अब भारी पड़ने वाला है क्योंकि महिलाओं की रक्षा के लिए नागौर पुलिस ने नवाचार करते हुए हाईटेक महिला कांस्टेबल टीम बना दी है। यह टीम कोचिंग संस्थान, शॉपिंग मॉल, बाजार आदि में गश्त करेगी। महिलाओं के हेल्पलाइन के लिए स्थानीय स्तर पर एक व्हाट्सएप नंबर भी नागौर पुलिस जारी करने वाली है जिस पर कोई भी पीड़ित महिला सूचना देकर मजनूंओं की धरपकड़ करवा सकती है।यह जानकारी आज जिला पुलिस अधीक्षक हरेंद्र महावर ने प्रेस वार्ता के जरिए दी है।
जानकारी अनुसार महिलाओं के प्रति हो रही ज्यादती को को देखते हुए नागौर पुलिस लंबे समय से प्रयासरत है। समय के साथ स्कूली छात्राओं के साथ छेड़खानी करने वाले मजनूओं की तादाद बढ़ रही है। इसके कारण आम तौर पर देखा गया है कि छात्राएं अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती है कारण यही होता है कि आवारा लड़के रास्ते में छेड़खानी करते हैं जिसको वह अपने परिजनों को बता नहीं पाती है।
नागौर पुलिस ने इसके लिए मोटरसाइकिल चला सकने वाली महिला कांस्टेबलों का चयन किया है। कुछ दिन की ट्रेनिंग के साथ आज से फील्ड में उतार दिया है। यह महिला कांस्टेबल सफेद कलर की मोटरसाइकिल पर नेवी ब्लू कलर की ड्रेस कोड मे नजर आएगी।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक महावर ने प्रेसवार्ता में बताया कि नवाचार के तहत यह सुविधा नागौर शहर में की गई है। जल्द ही मेड़ता कुचामन डीडवाना मकराना आदि थाना क्षेत्रों में शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसका एक ही उद्देश्य है महिला उत्पीड़न के मामलों में कमी लाना। महावर ने बताया कि एनएच कांस्टेबलों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग के बाद फील्ड में उतारा है । उन्होंने बताया कि यह महिला कांस्टेबल टीम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चौधरी के दिशा निर्देशन में रहेगी।
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