अनलॉक के पहले दिन बाजार खरीदारी की खुशियों से मुस्कुराया, एक साथ भीड़ उमड़ने से सोशल डिस्टेंस की उड़ी धज्जियां, पढ़िए व्यापारियों ने भीड़ कम करने के लिए सरकार को क्या सुझाव दिया है?
नागौर। अनलॉक का पहला दिन 2 जून बाजार में खुशियों की सौगात लाया। लॉक डाउन के 40 दिन बाद शहर का संपूर्ण बाजार गुलजार हुआ। बाजार में भारी भीड़ बढ़ गई। लोग बीमारी को भूलकर बिना मास्क खरीदारी को आ गए। सोशल डिस्टेंसिंग कहीं भी नजर नहीं आया। सरकार ने जिन शर्तों के साथ बाजार को खोलना है वह बिलकुल गौण नजर आया। अगर यही हालात अनलॉक में रहे तो फिर तैयार रहें कोरोना बढ़ना तय है। अब लगभग पूरा मार्केट खुल गया है।
दूसरी और व्यापारी वर्ग का मानना है कि सरकार द्वारा बाजार खोलने का समय कम निर्धारित करने के कारण लोग एक साथ बाजार में उमड़ रहे हैं, इसी के चलते भीड़ बढ़ रही है। सरकार ने सुबह 6:00 बजे से 11:00 बजे तक प्रतिष्ठान खोलने का समय दिया है इसमें व्यापारी वर्ग करीब 9:00 बजे मार्केट में पहुंचते हैं इस दौरान मात्र 2 घंटे का समय ही मिल पाता है। अगर समय बड़ा किया जाए तो भीड एक साथ नहीं उमड़ेगी।
बुधवार को पहले दिन बाजार में भीड़ उमड़ी जिससे किले की ढाल, गांधी चौक, दिल्ली दरवाजा रोड आदि क्षेत्रों में वाहनों की रेलमपेल से जाम की स्थिति दिनभर बनी रही। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले कन्जेस्टेड इलाका सदर बाजार, पंसारी बाजार, पुरानी धानमंडी आदि में तो वाहनों की भीड़ के साथ ग्राहकों की भीड़ से जाम लगा रहा। तिगरी बाजार आदि क्षेत्र में सिविल लाइन की खुदाई के कारण आवागमन बाधित रहा। दुकानों में एक साथ 10-10 ग्राहक खरीदारी कर रहे थे। वैसे कई जागरूक दुकानदार और ग्राहक नियमों का पालन भी कर रहे थे।
बाजार के मुस्कुराने से लोगों में उम्मीद जगी है कि पहले की तरह सब सामान्य होगा। विक्रेताओं के साथ ग्राहक भी समझदारी के साथ नियमों का पालन करते हुए बाजार जाए तो बाजार खुलना सार्थक होगा।
शहर में मिठाई, रेस्टोरेंट्स, सैलून, ऑटोमोबाइल शोरूम आदि की दुकाने खुली नजर आई। बाजार के भीतरी इलाकों में सोशल डिस्टेंसिंग के हालात अब भी बहुत ही ज्यादा खराब बने हुए हैं। वाहनों के रेलमपेल के बीच व्यापारियों व खरीदारों के बीच भीड़ के दौरान किसी भी प्रकार के सामाजिक दूरी नहीं दिख रही है। वैसे देखा जाए तो कन्जेस्टेड मार्केट में सबकी अपनी परेशानियां है, थोड़ी सी भीड़ में मार्केट भरा नजर आता है।


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