पेट्रोल के बाद अब डीजल भी जुलाई तक हो सकता है 100 के पार!
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को पेट्रोलियम कंपनियां लगातार बढ़ा रही है। इसके चलते आम आदमी का बजट बैलेंस गड़बड़ा गया है। प्रदेस के सभी 33 जिलों में पेट्रोल की कीमतों तो पहले ही 100 रुपए के पार पहुंच चुकी है, लेकिन अब धीरे-धीरे डीजल भी शतक की ओर बढ़ रहा है। जानकार बता रहे हैं कि पेट्रोलियम कंपनियों की नीति के कारण आगामी जुलाई तक डीजल भी ₹100 लीटर पार कर सकता है। लगातार दूसरे दिन कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। पेट्रोल-डीजल पर आज 29-29 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के साथ ही पेट्रोल जयपुर में आज 101.96 और डीजल 95.18 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।
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पेट्रोलियम पदार्थों पर लगातार बढ़ोतरी होने से आम आदमी का बजट खराबा तो हुआ ही है, साथ ही ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो जाने के चलते खाद्य पदार्थों के साथ आम जरूरत की वस्तुएं महंगी हो चली है।
पेट्रोल-डीजल पर राज्य में वैट दर अधिक होने के कारण एक तरफ जनता को महंगा तेल मिल रहा है, वहीं राज्य के सीमावर्ती जिलों में खुले पेट्रोल पंप भी अब बंद होने के कगार पर आ गए है। पड़ोसी राज्यों की तुलना में राजस्थान में वेट की दर में 10 से 16 फीसदी तक का अंतर है। इस कारण सीमावर्ती जिलों के लोग दूसरे राज्यों में जाकर पेट्रोल-डीजल भरवाते है। इससे न केवल उस जिले के पेट्रोल पंप संचालक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
राज्य में पेट्रोल पर 36 और डीजल पर 26 फीसदी वैट है। पड़ोसी राज्य हरियाणा और पंजाब में पेट्रोल पर 25, डीजल पर 16 फीसदी, दिल्ली में पेट्रोल पर 30 और डीजल पर 16.75%, गुजरात में पेट्रोल और डीजल पर करीब 20-20% जबकि उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पर 26.80 और डीजल पर 17.48% वैट है। इसके चलते इन राज्यों की तुलना में राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 5 से लेकर 10 रुपए तक का अंतर है।


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