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शुक्रवार, 14 मई 2021

सीटी स्कैन का स्कोर 17 आने के बाद भी सकारात्मक सोच रखकर नागौर शहर की एक महिला ने मात्र 10 दिन में कोरोना को हराया.. कौन है यह महिला, कैसे कोरोना की जंग जीती? जानिए पूरी रोमांचक कहानी..

सीटी स्कैन का स्कोर 17 आने के बाद भी सकारात्मक सोच रखकर नागौर शहर की एक महिला ने मात्र 10 दिन में कोरोना को हराया.. कौन है यह महिला, कैसे कोरोना की जंग जीती? जानिए पूरी रोमांचक कहानी..


नागौर। कहते हैं जहां चाह होती है वहां मंजिल होती है । इसीका उदाहरण पेश किया लोहिया की चौक में रहने वाली कमलेश सेन ने जाने अनजाने या लापरवाही से कोरोना वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया. RT-PCR रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद दिनों दिन तबीयत खराब होती गई। गत 21 अप्रैल को डॉ.  राजेंद्र बेड़ा को दिखाया तो डॉक्टर ने कहा यह तो एकदम कोरोना से ग्रसित लग रहे हैं। इनको तुरंत जेएलएन अस्पताल में एडमिट करो। 



भर्ती कराने के अगले दिन जब सीटी स्कैन का परिणाम 17 आया। परिचितों  द्वारा कहा गया कि इनको तुरंत बीकानेर या जोधपुर रेफर किया जाए, यहां इनका इलाज संभव नहीं है। इसी बीच डा. राजेंद्र बेड़ , डॉ.  लूणाराम डिडेल व डा. सुरेन्द्र भाकल और मेल नर्स वीरेंद्र चौधरी ने आश्वस्त किया।  कहा कि आपको कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है। 


अपने अथक प्रयासों से व 35 वर्षीय कमलेश सेन की जीवटता से स्वास्थ्य में शत- प्रतिशत सुधार ला देंगे। इसी बीच डॉक्टरों ने अपना इलाज देना शुरू किया और देखते देखते ही डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और मरीज़ के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। 21 अप्रैल को एडमिट होने वाली कमलेश सेन दिनांक 1 मई को सकुशल अपने घर पहुंच गई। कमलेश सैन इसका सारा श्रेय अस्पताल के डॉक्टरों, अपने अग्रजों भाभी प्रियंका परिहार और निशा व परिवार को दिया क्योंकि उन्होंने देखभाल की और हिम्मत बाँधते गए। 

कमलेश सेन का कहना है इस बीमारी में सकारात्मक सोच ही बीमारी का सबसे बड़ा इलाज है, बीमारी की सबसे बड़ी औषधि है. कमलेश दिन में गर्म पानी, गरम नींबू पानी, काढ़ा का सेवन करती थी। नारियल पानी, पौष्टिक आहार और खट्टे फलों का सेवन भी काफी कारगर रहा। कमलेश सैन ने स्वस्थ होने पर अस्पताल को एक टेबल पंखा भी दिया। कमलेश सैन का यह भी कहना है कि rt pcr रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद भी यदि तबियत में सुधार ना हो तो डॉक्टर्स पर पूरा भरोसे रखा। मरीज के भाई नवीन परिहार इनको रोज़ाना सकरात्मक खबरें सुनाते गए इसका भी बहुत फायदा मिला। इसके साथ ही मरीज को दी गई प्रोनिंग एक्सरसाइज भी बहुत कारगर रही जिसका राज्य सरकार द्वारा विभिन्न संगठनों द्वारा भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था।

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