जिले के सबसे बड़े अस्पताल जेएलएन में आग लगने की सूचना पर दौड़े अधिकारी.. केवल 12 मिनट में पहुंचे मौके पर.. जानिए अधिकारियों की क्यों हुई भागम-भाग?
ड्यूटी में मुस्तैद मिले अधिकारी, असल में यह थी माॅक ड्रिल
नागौर, 17 मई। जिला मुख्यालय के जेएलएन अस्पताल में आग लगने की सूचना पर जिला प्रशासन के अधिकारी सूचना मिलते ही दौड़ पड़े। इस दौरान अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस, पुलिस के वाहन सहित डिस्काॅम के अधिकारी व आॅक्सीजन सिलेंडर की गाड़ी केवल 12 मिनट में ही पहुंच गए। इसके बाद जब सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे तो पता चला कि चक्रवाती तूफान तौकते की आशंका की पूर्व तैयारियों की जांच करने के लिए यह माॅक ड्रिल थी। जिला कलक्टर डाॅ जितेन्द्र कुमार सोनी ने बताया कि चक्रवाती तूफान तौकते की संभावना को देखते हुए जिला स्तर पर की गई व्यापक तैयारियों की रिहर्सल करने के लिए माॅक ड्रिल की गई।
इस दौरान कंट्रोल रुम से समस्त अधिकारियों को जिला मुख्यालय के बड़े अस्पताल में आग लगने की सूचना दी गई। जिस पर अधिकारियों व कार्मिकों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत ही सभी अपने वाहन व समुचित साधन लेकर टीम सहित जेएलएन अस्पताल पहुंचे। इसके बाद सभी अधिकारियों को बताया गया कि यह एक माॅक ड्रिल थी, जिस पर सभी ने राहत की सांस ली।
सात मिनट के भीतर पहुंची फायर बिग्रेड व एंबुलेंस
माॅक ड्रिल के दौरान सबसे पहले उपखण्ड अधिकारी अमित चैधरी तथा इसके बाद जिला कलक्टर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक, फायर बिग्रेड व एंबुलेंस, डिस्काॅम व जलदाय विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
राउंड द क्लाॅक रहेगी डिस्काॅम की सर्विस
माॅक ड्रिल के दौरान जिला कलक्टर ने डिस्काॅम के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि चक्रवाती तूफान की आशंका को देखते हुए अस्पताल में पुख्ता व्यवस्था बनाएं रखने तथा कोविड मरीजों को आॅक्सीजन सप्लाई में कोई बाधा ना आएं, इसके लिए 24 घंटे बिजली की व्यवस्था सुचारु रखनी होगी। इसके लिए अस्पताल परिसर में ही टेंट लगाकर स्टाफ की तैनाती की जाएं। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में बिजली व्यवस्था सुचारु बनाएं रखने के लिए अतिरिक्त ट्रांसफाॅर्मर की व्यवस्था की गई।



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