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शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

आगामी नहर बंदी पर बड़ी खबर.. नहरबंदी के दौरान जलभराव क्षमता और पेयजल सप्लाई की कार्ययोजना जारी

आगामी नहर बंदी पर बड़ी खबर.. नहरबंदी के दौरान जलभराव क्षमता और पेयजल सप्लाई की कार्ययोजना जारी



नागौर। इंदिरा गांधी नहर बीकानेर के अधीक्षण अभियंता वृत छव.1 से, वर्तमान में बहुत कम जलापूर्ति होने के कारण नागौर पेयजल के लिए बने रिजरवायरों का स्तर लगातार कम होने तथा नहर बंदी आरंभ होने से पूर्व नागौर पेयजल हेतु बने दोनों रिजरवायरों को पूर्ण क्षमता तक भरवाने के लिए गत गुरूवार दिनांक 18 फरवरी को बैठक रखी गई। 



परियोजना के अधीक्षण अभियंता अजय शर्मा ने बताया कि नहर विभाग ने, सरहिंद फीडर व इंदिरा गांधी फीडर के पंजाब के क्षेत्र में पाइपिंग से कटाव की स्थिति बनने से जलापूर्ति बाधित बताई, तथा इस समय किसानों की मांग अधिकतम होने से तत्काल अतिरिक्त जल उपलब्ध करवाने में असमर्थता बताई, साथ ही यह आश्वासन दिया कि, किसानों की मांग कम होते ही, नागौर के रिजरवायरों को समुचित जलापूर्ति आरंभ कर नहर बंदी से पूर्व पूर्ण क्षमता तक भरवा दिया जाएगा। इस कार्यालय द्वारा स्पष्ट किया गया कि नागौर पेयजल सिस्टम की अधिकतम जल उठाने की क्षमता ही 180 क्यूसेक है, ऐसे में इससे अधिक जल देने का उपयोग नहीं हो पायेगा तथा इसी क्षमता, व खाली रिजरवायरों की क्षमता के, अनुरूप नहर बंदी से पूर्व समुचित जल उपलब्ध करवाना होगा। यह बताया गया कि यदि नागौर के जलाशयों में 1 मीटर का जलस्तर रहता है तो बाकी 5 5 मीटर के खाली जलाशयों को180 क्यूसेकसे भरने में ही 35 दिनों का समय लगेगा। जिस पर नहर विभाग ने इसी अनुसार जल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की हां भरी है।



अधीक्षण अभियंता शर्मा ने बताया कि  नागौर में 70 दिनों की नहर बंदी के दौरान निम्न अनुसार तैयारी की गई है। अभी से ही हर सप्ताह में एक दिन र्का मतव पेयजल आपूर्ति दिन रखा जावे जैसे जोधपुर कर रहा है, ताकि नागौर के रिजरवायर्स पुरे भरे जा सकेंगे व जल की बचत होगी। लीकेज तत्काल प्रभावीरूप से ठीक किये जाते रहे। सड़को आदि पर पेयजल का छिडकाव बंद कर दिया जावे। गाडियों को धोने हेतु पेयजल काम ना लिया जावे। कोई भी नल बिना टूटी के ना हो तथा उपयोग के तुरंत बाद टूटी को आवश्यक रूप से बंद किया जावे। जहाँ लम्बी दूरी की वजह से लम्बी आपूर्ति करनी पड़ती हो वहां एकान्तरे जलापूर्ति की जावे। कही भी पेयजल की कोई 



बर्बादी,क्षति,व्यर्थ उपयोग हो रहा हो तो तत्काल 181 पर शिकायत दर्ज करवावे, शिकायत में पेयजल विभाग लिखवावे, नहरी विभाग लिखवाने से शिकायत जलसंसाधन विभाग को जाती है व समय बेकार जाता है। राजस्थान सरकार व केंद्र सरकार की नीति के तहत मात्र टज्ब् तक 55 लीटर प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध करवाएंगे, आगे का समस्त वितरण राजस्व, जल संबंध,लीकेज 



निकालना,मोनिटरिंग करना आदि समस्त कार्य टॅैब् ;ग्राम जल वितरण कमेटीद्ध इसे गंभीरता से लेवे, व जलापूर्ति को जिम्मेदारी से संभाले तभी केन्द्र के नियमो के अनुसार घर घर जल उपलब्ध करवाने की योजना लागू की जा सकेगी। सभी शहरों हेतु 100 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन का प्रावधान है, ज्यादातर नगरो में उसी अनुरूप आपूर्ति है, व पेयजलापूर्ति भी समुचित है। जहां कही भी अभी वर्तमान में अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है, व आगे उपलब्ध करवाया जाना संभव नहीं रहेगा, अतः आमजन उसी अनुरूप पेयजल में से मितव्ययता काम लेवे। उन्होंने बताया कि सभी 



अधिशाषी अभियंताओ को निर्देशित किया गया है कि फ्लोमीटर चालु रखे, पाईप लाइनों की पेट्रोलिंग प्रभावीरुप से करे, व स्वीकृत मात्रा ही उपलब्ध करवावे, प्रोजेक्ट च्भ्म्क् से 1800 लाख लीटर जल प्रतिदिन नागौर जिले को उपलब्ध करवाया जाता है, तथा नागौर जिले के 3500 नलकूपो से 7000 लाख लीटर से अधिक का उत्पादन है  अतः नहर बंदी के दौरान आमजन को उक्त जल भी पूर्ण मात्रा में उपलब्ध रहे, व वितरित किया जावे।

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