बदलते मौसम के कारण इस बार नहीं चल पाई लू, 1951 के बाद मई का महीना सबसे ठंडा रहा, जानिए इस बार गर्मी पड़ेगी या मौसम रहेगा कूल कूल
नागौर। आम तौर पर मई का महीना भीषण गर्मी का होता है। दो दिन से ठंडी हवाएं और बारिश से तापमान पर भारी गिरावट आई। 20 मई को न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री रहा है। बताया जा रहा है कि साल 1951 के बाद सबसे कम है। इससे पुराना डेटा मौसम विभाग ने अभी चेक नहीं किया। यानी की 72 सालों के बाद मई महीने में इतना तापमान रेकॉर्ड किया गया है।
वैसे वर्ष 2001 में मई का आधा महीना ठंडा रहा था। क्योंकि 2001 में भी आंधी और बारिश के कारण तापमान बढ़ नहीं पाया था। ताऊते तूफान से पहले इस महीने के पहले सप्ताह में ही प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश के बाद तापमान गिरावट आई थी। तापमान सामान्य से दो डिग्री कम रहा था।
इस बार मई में लगभग 20 दिन अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा। तूफान के बाद शुक्रवार को तेज धूप होने से दिन के तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। अगले 24 घंटे के दौरान मौसम बदलने के आसार हैं। इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है, इसके बावजूद जून के पहले हफ्ते में पारा 40 डिग्री से उपर पहुंचने का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। रात का तापमान सामान्य से 8 डिग्री कम रिकॉर्ड हुआ। यह 19 डिग्री रहा।
इसलिए ठंडा रहा मई, 7 बार पश्चिमी विक्षोभ आए।
मई माह के ठंडा बने रहने की बड़ी वजह रही पश्चिमी विक्षोभ का इस माह में रिकॉर्ड 7 बार सिस्टम बना। इससे बारिश और ओलावृष्टि होती रही और ताऊते तूफान से राजस्थान में सामान्य से कम तापमान रहा। आमतौर पर मई माह के दौरान तेज गर्मी की वजह से पश्चिम की ओर से आने वाली गर्म पश्चिमी हवा रहती है। इस बार बारिश व ओलावृष्टि के लगातार सिलसिले चलते रहे। हवा भी अपेक्षा कृत ठंडी बनी रही।
आगे क्या? बादल छाएंगे
मौसम विभाग के मुताबिक एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसमें पाकिस्तान के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवात बना हुआ है। जिस कारण जोधपुर व अजमेर संभाग के कुछ जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान बादल छाएंगे। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि इससे गर्मी में कुछ समय के लिए और अंकुश लगेगा। जून के पहले हफ्ते में गर्मी अपने तेवर दिखा सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 40 के आंकड़े से ऊपर जा सकता है।


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