खींवसर विधायक के 'मुर्गा बना दूंगा' वाले बयान पर मचा बवाल.. कर्मचारी नेताओं के बयान और अखबारों में छपी खबर पर एसडीएम बोली मेरे ऊपर खामोश रहने के आरोप गलत हैं.. जानिए और क्या आरोप और प्रत्यारोप रहे?
जिला परिषद परिसर में प्रदर्शन करते कर्मचारी।खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल द्वारा खींवसर तहसीलदार के साथ सार्वजनिक बैठक में मुर्गा बनाने की धमकी देकर किए गए अमर्यादित व्यवहार को लेकर शनिवार को विभिन्न कर्मचारी संगठन विरोध में उतर गए. उन्होंने जिला परिषद में विधायक के रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रोष जताया.
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इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर के मार्फत अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के तत्वावधान में करीब आध दर्जन से अधिक कर्मचारी संगठनों ने विधायक नारायण बेनीवाल के तहसीलदार के प्रति सामने आए रवैये को लेकर कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अध्यक्ष राजस्व मंडल तथा प्रमुख शासन सचिव राजस्व को ज्ञापन भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की.
इस दौरान अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ, राजस्थान राजस्व सेवा परिषद, जिला तहसीलदार संघ, जिला कानूनगो संघ, जिला पटवार संघ, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के पदाधिकारी व कार्मिक बड़ी संख्या में जिला परिषद में एकत्रित हो गए. उन्होंने 24 दिसंबर को उपखंड अधिकारी कार्यालय खींवसर में उपखंड स्तरीय सतर्कता समिति में खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल द्वारा खींवसर के तहसीलदार के साथ किए गए अमर्यादित व्यवहार का जमकर विरोध जताया.
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस तरह का व्यवहार आगे किसी भी सरकारी कार्मिक के सामने आए तो सभी संगठन इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे तथा अनुचित राजनैतिक दवाब के चलते सरकारी कार्मिक राजकार्य सही तरीके से नहीं कर पाएंगे. इस दौरान अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अर्जुनराम लोमरोड़ ने बताया कि विधायक बेनीवाल का तहसीलदार के प्रति व्यवहार अशोभनीय रहा जिसकी विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा कड़े शब्दों में निंदा की जाती है.
उन्होंने ज्ञापन भेजकर अमर्यादित व्यवहार करने वाले विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने बताया कि विधायक द्वारा पूर्व में भी अन्य लोक सेवकों के साथ ऐसा व्यवहार देखने को मिला था. राजनीतिक दबाव के चलते सरकारी कार्मिक भारी परेशान है. उन्होंने खींवसर विधायक द्वारा लोक सेवक तहसीलदार के प्रति भरी बैठक में किए गए व्यवहार तथा गरिमाहीन भाषा के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की. इस दौरान कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने खींवसर उपखंड अधिकारी जीतू कुलहरी के समक्ष अपना रोष जताया तथा उनसे नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करवाने की मांग की.
इस पर एसडीएम ने कार्मिको के हितों की रक्षा करने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर आरोप लगा है कि वह खामोश रही यह गलत है. इस मौके पर कानूनगो संघ के जिला अध्यक्ष हनुमानराम नगवाडिय़ा, शिक्षक संघ शेखावत के जिला अध्यक्ष अर्जुनराम लोमरोड़, पटवार संघ के जिला अध्यक्ष बुद्धाराम जाजड़ा, पूर्व जिला अध्यक्ष राधाकिशन निंबड़, कानूनगो संघ के पूर्व जिलाधक्ष नेमाराम जाजड़ा, शिक्षक संघ शेखावत के उपशाखा अध्यक्ष ओमप्रकाश सेन, उपशाखा मंत्री हरजीत काला, संजय व्यास, बलवीर देवड़ा,
रमेश भार्गव, नवीन परिहार, लोकेश निरंजनी, रामनिवास बाना तहसीलदार डेगाना,अमिलाल मीणा तहसीलदार जायल, नायब तहसीलदार भंवरलाल सेन मूंडवा, श्रवण कुमार खुदखुड़िया प्रदेश कोषाध्यक्ष, कानूनगो सघ, हनुमानराम नंगवाडिया जिलाध्यक्ष कानूनगो संघ,बुद्धाराम जाजड़ा जिलामहामंत्री पटवार संघ,राजेन्द्र सिंह राठौड़ जिला उपाध्यक्ष पटवार संघ,अन्नाराम लावायच उपशाखा अध्यक्ष तहसील नागौर, सियाराम जाजड़ा कोषाध्यक्ष उपशाखा तहसील नागौर,नेमाराम जाजड़ा पूर्व जिलाध्यक्ष कानूनगो संग नागौर,गेनशाराम बेनीवाल,बिरमाराम ज्याणी,जगदीश,
पूनमचंद,कुम्हरदान,रामचन्द्र, खींवसर पटवार संघ अध्यक्ष तिलोक राम, उपाध्यक्ष आईदान राम,मंत्री श्रीराम,संयुक्त मंत्री जयसिंह, संगठन मंत्री रेवंतराम,पटवारी हरकाराम,कमल मीणा,विनय मीणा, नेमाराम,भगवान सिंह,राजूदेवी,प्रेमलता,रामपाल बसवाना, lचुनाराम,गोपाल राम,बनवारी लाल सहित बड़ी संख्या में जिलेभर के राजस्व कार्मिक व अधिकारी मौजूद रहे।अर्जुनराम लोमरोड़, जिलाध्यक्ष शिक्षक संघ, शेखावत एवं जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष कर्मचारी महासंघ, नागौर।

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