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शुक्रवार, 20 मार्च 2026

अब गैस बुकिंग में OTP अनिवार्य: बिना वेरिफिकेशन नहीं मिलेगा सिलेंडर

अब गैस बुकिंग में OTP अनिवार्य: बिना वेरिफिकेशन नहीं मिलेगा सिलेंडर


अब गैस सिलेंडर बुक करना इतना आसान नहीं: OTP और DAC से बदलेगा पूरा सिस्टम




अगर आप भी घर बैठे मोबाइल से गैस सिलेंडर बुक करते हैं, तो अब आपको थोड़ा सतर्क रहना पड़ेगा। राजस्थान में गैस बुकिंग का तरीका बदलने जा रहा है। और यह बदलाव सीधे आपकी जेब, सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने तेल-गैस कंपनियों को नया सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब सिलेंडर बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक हर चरण में ओटीपी और कोड के जरिए वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।

अब हर बुकिंग होगी OTP से वेरिफाई


अब तक कई बार ऐसा होता था कि गैस एजेंसी खुद बुकिंग कर देती थी या किसी और के नाम से सिलेंडर बुक हो जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब अगर आप मोबाइल एप, वेबसाइट या किसी भी डिजिटल माध्यम से गैस बुक करेंगे, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा और उसी OTP से वेरिफिकेशन के बाद ही बुकिंग पूरी मानी जाएगी।


 Paytm, PhonePe या UPI से भी यही नियम

अगर आप सोच रहे हैं कि किसी दूसरे ऐप से बुकिंग कर लेंगे तो काम आसान हो जाएगा तो ऐसा भी नहीं है। अब चाहे आप

PhonePe

Paytm

UPI

या किसी अन्य डिजिटल माध्यम से बुकिंग करें, हर स्थिति में OTP वेरिफिकेशन जरूरी रहेगा।



 फर्जी बुकिंग पर लगेगा ब्रेक

इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब कोई भी व्यक्ति या एजेंसी आपकी जानकारी के बिना गैस बुक नहीं कर पाएगी। हर बुकिंग के लिए उपभोक्ता की अनुमति और OTP जरूरी होगा। इससे फर्जी बुकिंग और गड़बड़ी पर लगाम लगेगी। अब सिलेंडर लेते समय भी देना होगा कोड सिर्फ बुकिंग ही नहीं, अब डिलीवरी के समय भी नया नियम लागू होगा। जब आपका सिलेंडर घर पहुंचेगा, तो आपके मोबाइल पर एक Delivery Authentication Code (DAC) आएगा। यह कोड आपको डिलीवरी बॉय को देना होगा। तभी कंपनी के सर्वर पर यह डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। पासबुक में भी दर्ज होगा रिकॉर्ड। डिलीवरी के बाद डिलीवरी बॉय आपके गैस पासबुक या डायरी में इस कोड को लिखेगा, ताकि हर डिलीवरी का रिकॉर्ड पारदर्शी रहे।



आखिर क्यों लाया गया यह सिस्टम?

देश में गैस की सप्लाई और किल्लत को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। कई जगहों पर फर्जी बुकिंग, डुप्लीकेट डिलीवरी और एजेंसियों की मनमानी, जैसी समस्याएं सामने आईं। इन्हीं गड़बड़ियों को रोकने के लिए यह नया सिस्टम लागू किया गया है।

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