आखिरी आलिंगन और चलती ट्रेन: झज्जर में दर्दनाक फैसला जिसने कई सवाल छोड़ दिए
झज्जर (हरियाणा)। कभी-कभी जिंदगी की मजबूरियां इंसान को ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करती हैं, जहां आगे सिर्फ अंधेरा ही दिखाई देता है। हरियाणा के झज्जर जिले में गुरुवार को ऐसी ही एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने न सिर्फ एक परिवार बल्कि पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया।
रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी रेलवे लाइन पर जिला मुख्यालय में तैनात एक पुलिस अधिकारी के स्टाफ में शामिल होमगार्ड सुनील कुमार ने अपनी पत्नी हिमांशी को गले लगाकर मदार एक्सप्रेस के सामने लेटकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने रिश्तों, बीमारी, तनाव और सामाजिक दबावों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतकों की पहचान गांव जौंधी निवासी 28 वर्षीय सुनील कुमार और 24 वर्षीय हिमांशी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी राकेश कुमार एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्या हुआ
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर करीब 1:15 बजे सुनील अपनी पत्नी के साथ जौंधी और गुढ़ा गांव के पास रेलवे फाटक के निकट पहुंचे। उन्होंने बाइक को किनारे खड़ा किया। करीब 2:05 बजे जैसे ही मदार एक्सप्रेस वहां से गुजरी, दोनों एक-दूसरे को गले लगाकर पटरी पर लेट गए।
ट्रेन उन्हें करीब 200 मीटर तक घसीटती हुई आगे निकल गई। बाद में ट्रेन को थोड़ा पीछे करके शवों को बाहर निकाला गया।
अस्पताल जाने का बहाना और फिर…
परिजनों के अनुसार सुनील और हिमांशी घर से यह कहकर निकले थे कि हिमांशी की पेशाब की नलकी बदलवाने अस्पताल जा रहे हैं। लेकिन घटना स्थल से कुछ दूरी पहले ही नलकी निकालकर फेंक दी गई थी। जौंधी गांव से घटना स्थल की दूरी लगभग 10 से 12 किलोमीटर बताई जा रही है।
बीमारी और मानसिक तनाव की चर्चा
बताया जा रहा है कि सुनील और हिमांशी की शादी करीब ढाई साल पहले हुई थी। सात महीने पहले ही उनके घर बेटी का जन्म हुआ था। लेकिन हिमांशी लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी और इसी कारण वह लगातार मानसिक तनाव में रहती थी।
दो दिन पहले उसकी तबीयत अधिक बिगड़ने पर बच्ची को उसकी बुआ के पास भेज दिया गया था।
मायके पक्ष के आरोप
घटना के बाद हिमांशी के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि उसे पहले से परेशान किया जा रहा था। इस मामले की जानकारी मिलते ही जिला परिषद चेयरमैन कप्तान बिरधाना, भाजपा नेता संत सुरहेती सहित कई स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे।
दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया, लेकिन दोनों पक्षों के बयान और बातचीत की प्रक्रिया चलने के कारण देर शाम तक पोस्टमॉर्टम शुरू नहीं हो पाया था।
रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी राकेश कुमार के अनुसार मामले की जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आगे की कार्रवाई इन्हीं बयानों के आधार पर की जाएगी।

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